पटना में पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के कंकड़बाग मेन रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के पास से पकड़ाये दो साइबर शातिरों ने ठगी के तरीकों को पुलिस के सामने बताया है. नवादा के वारसलीगंज निवासी निशांत कुमार व अविनाश कुमार को पुलिस ने दो दिन पूर्व गिरफ्तार किया था.

पुलिस को ठगी का पूरा प्रैक्टिकल कर के बताया

पूछताछ में गिरफ्तार शातिरों ने पुलिस को ठगी का पूरा प्रैक्टिकल कर के बताया. शातिर ने अपना लैपटॉप खोल कर उसमें एक नया अकाउंट बनाया, जिसमें एक अंजान लड़की का फोटो डाला. फोटो पर अपना नंबर भी शातिरों ने लिख दिया. महज कुछ मिनटों में बनाये गये फर्जी अकाउंट पर सैकड़ों लोगों ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दिया.

रजिस्ट्रेशन के नाम पर 20 हजार रुपये वसूलता था

शातिरों ने पुलिस से कहा कि केवल फ्रेंड रिक्वेस्ट ही नहीं बल्कि फोन भी आते हैं. इसके बाद उन्हें सेक्स वर्कर के जॉब के बारे में समझाया. शातिरों ने पुलिस को बताया कि वह प्रत्येक रजिस्ट्रेशन के नाम पर 20 हजार रुपये से अधिक वसूलता था. जब लाखों रुपये की ठगी कर लेता तो उसके बाद सिम चेंज कर देता था. गिरफ्तार आरोपितों के पास से आठ एटीएम कार्ड, 9 मोबाइल फोन, एक बाइक, दो लैपटॉप और नकद 90 हजार रुपये बरामद किया है.

पत्नी के खाते में मंगवाता था पैसा

मिली जानकारी के अनुसार दोनों शातिरों के पास से एक फर्जी प्रेस आइडी कार्ड भी मिला है और वह ठगी का पूरा पैसा निशांत अपनी पत्नी के खाते में मंगवाता था. इसके बाद उस खाते से वह सरगना अर्पित के खाते में रुपये ट्रांसफर करता था. थानाध्यक्ष मनोरंजन भारती ने बताया कि किराये के मकान पर छापेमारी की गयी तो वहां कुछ भी नहीं मिला हैं. वहीं इसके खाते में लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन पाये गये हैं, जिसे फ्रीज करवा दिया गया है.

अर्पित देता था फर्जी सिम और आइकार्ड

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का सरगना नवादा के वारसलीगंज का अर्पित विश्वकर्मा है. यह दोनों शातिरों को फर्जी सिम और आइ कार्ड मुहैया करवाता था. पूछताछ में दोनों ने बताया कि अबतक हजारों लोगों से ठगी कर चुका है. इसके बैग से कई कागजात मिले हैं, जिसमें लोगों द्वारा भेजे गये लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन का डिटेल मिला है.

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