बिहार में मौसम अब तेज़ी से बदलने वाला है. अभी से ही लोगो को गर्मी और सर्दी का अहसास होने लगा है जिसके तहत लोगो को सुबह में ठण्ड तो रात में गर्मी का अहसास हो रहा है. रात के वक्त लोग अब बिना चादर और बिना पंखे के शायद ही सो सके ऐसे में मौसम विभाग ने बिहार वासियों के लिए बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी किया है, मौसम विभाग की माने तो पूर्वी हवा का प्रवाह कम हो रहा है और पश्चिमी हवा के असर से ठंढ का अहसास हो रहा है जिससे आने वाले 7 दिनों में बिहार में गुलाबी ठंढ का अहसास होने की उम्मीद जताई जा रही है. वहीं दूसरी तरफ डॉक्टरों ने बच्चो से लेकर बुज़ुर्ग को सेहत को लेकर विशेष रूप से अलर्ट रहने की सलाह दी है. बिहार के कई जिलों में फिलहाल आलम कुछ यूँ है कि हवाएं काफी ठंढी बह रही है. मौसम विभाग की माने तो अब पश्चिमी हवा का प्रवाह देकने को मिल रहा है बिहार में बारिश का सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है जिसके कारण अब पश्चिमी हवा का प्रवाह दिख रहा है बंगाल की खाड़ी में भी सक्रीय चक्रवाती हवा का प्रवाह आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. बिहार में मौसम पूरी तरह से ड्राई हो गया है और अब धीरे धीरे पश्चिमी हवा का प्रवाह भी बढ़ने लगेगा. हालांकि अब मौसम में बदलाव की उम्मीद है जो की नवम्बर के पहले सप्ताह में देखने को मिलने लगेगी. पहाड़ी क्षेत्रो में होने वाली बर्फबारी की वजह से पछुआ हवा की रफ़्तार में तेज़ी आ सकती है जिससे मैदानी इलाकों में ठंढ का अहसास होगा.

मौसम विभाग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले दो दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है इस दौरान गर्मी और देर रात से सुबह तक सर्दी का अहसास होता रहेगा इसके साथ ही शहर के बाहरी खेत्र में गंगा के तटीय क्षेत्रो में सुबह अब ठंढ का अहसास हो रहा है और कई इलाकों में धुंध भी देखा जा रहा है.

हालांकि ये मौसम जितना लोगो को गर्मी से राहत दे रहा है उतना ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ऐसे मौसम में लोगो को सावधान रहने की ज़रुरत है. डॉक्टरों की माने तो ठंढ और गर्म के कॉम्बिनेशन से सबसे ज्यादा बच्चो और बुजुर्गो के बीमार रहने की सम्भावना रहती है इसीलिए ज़रूरी है कि ऐसे मौसम से बचाव किया जाए. ऐसी मौसम में सांस के रोगियों को भी समस्या हो सकती है. सर्दी बुखार के साथ डायरिया भी होने की सम्भावना है ऐसे में कपड़ो का ध्यान रखा जाए. खान पान पर ख़ास ख़याल रखा जाये.

वहीं बीते कई दिनों से बिहार के कई जिलों में हुई बेमौसम बरसात ने लोगो की परेशानी बढाने का काम किया है जिससे सबसे ज्यादा किसान प्रभावित हुए है. क्यूंकि किसानो की फसल इस बेमौसम बरसात के कारण खराब हुई है वहीं नेपाल के आसपास के इलाकों में हुई बारिश के कारण बिहार की कई नदियाँ एक बार फिर से लाल निशान के ऊपर बह रही है जिसके कारण एक बार फिर से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई थी लेकिन अब बारिश के आसार कम है ऐसे में in इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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