पटना: बिहार को इस साल 8460 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा. इसका भुगतान अगले 50 वर्षों में किया जा सकेगा. इस पर राज्य को किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगेगा. पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्‍यसभा सदस्‍य सुशील कुमार मोदी (Rajya Sabha member Sushil Kumar Modi) ने कहा है कि यह राशि पूंजीगत व्यय यानी सड़क, पुल, पुलिया, विद्युत संरचना आदि निर्माण कार्यों के लिए ही प्राप्त होगी. इस राशि को खर्च करने के लिए राज्य सरकार को पहले स्कीम बनाकर केंद्र की स्वीकृति हेतु भेजनी होगी.

सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि ‘केंद्र सरकार से बिहार को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 8,460 करोड़ का अतिरिक्त ऋण प्राप्त होगा, जिसका भुगतान 50 वर्ष में किया जा सकेगा और जिस पर राज्य को किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगेगा. यह राशि पूंजीगत व्यय यानि सड़क, पुल, पुलिया, विद्युत संरचना आदि निर्माण कार्यों के लिए ही प्राप्त होगी. राज्यों को इसके लिए स्कीम बनाकर केंद्र की स्वीकृति हेतु भेजनी होगी.’

पिछले साल भी बिहार को मिल चुका है लाभ 

सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार को पिछले साल भी लाभ मिल चुका है. उन्‍होंने कहा है कि ‘इसके पूर्व इस योजना अंतर्गत बिहार को 2020-21 में 843 करोड़ और 2021-22 में 1246.50 करोड़ की राशि प्राप्त हो चुकी है. ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022-23 के बजट में घोषणा की थी कि राज्यों को 50 वर्षीय अवधि का एक लाख करोड़ रूपये का ब्याज मुक्त ऋण पूंजीगत व्यय हेतु दिया जाएगा. इस एक लाख करोड़ में 80 हजार करोड़ राज्यों को 15वें वित्त आयोग के फ़ॉर्मूले के अनुसार वितरित किया जायेगा, जिसमें बिहार के लिए 8640 करोड़ का प्रावधान है. 20 हजार करोड़ प्रधानमंत्री गति शक्ति, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, डिजिटलीकरण प्रोत्साहन, ऑप्टिकल फाइबर, शहरी सुधार, विनिवेश के अंतर्गत राज्यों को दिए जाएंगे. इसमें बिहार को भी अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी. इसके अतिरिक्त बिहार 27,615 करोड़ नेट ऋण विभिन्न माध्यमों से उगाही कर सकेगा. 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here