बीटेक की डिग्री हासिल करने के लिए छात्रों को अमूमन चार साल का वक्त लगता है, लेकिन एमएनएनआईटी अब तीन साल में अप्लाइड मैकेनिक्स में बीटेक की डिग्री देगा। इसके लिए पाठ्यक्रम डिजाइन कर लिया गया है। नए शैक्षिक सत्र में 30 सीटों पर प्रवेश के लिए सीनेट से मंजूरी मिल गई है। संस्थान में फिलहाल नौ ब्रांचों में बीटेक प्रोग्राम चल रहा है। अप्लाइड मैकेनिक्स से बीटेक दसवां प्रोग्राम होगा। 

संस्थान में अप्लाइड मैकेनिक्स में बीटेक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। अब तक इस ब्रांच में पीजी के चार पाठ्यक्रम संचालित हो रहे थे, लेकिन बीटेक प्रोग्राम नहीं था। ‘इंजीनियरिंग मैकेनिक्स एंड कम्प्युटेशन’ नाम से बीटेक के नए प्रोग्राम के लिए एकेडमिक एडवाइजरी कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद सीनेट में रखा गया। सीनेट ने इस पाठ्यक्रम संचालन की मंजूरी दे दी। 
नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ‘इंजीनियरिंग मैकेनिक्स एंड कम्प्युटेशन’ बीटेक पाठ्यक्रम का डिजाइन चार साल के लिए किया गया है। तीन साल की पढ़ाई करने पर छात्र को बीटेक की डिग्री मिलेगी। जबकि चार साल की पढ़ाई पूरी करने पर बीटेक इन रिसर्च की डिग्री मिलेगी। 

नौ ब्रांचों में बीटेक का संचालन  
संस्थान में अब तक नौ ब्रांच इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, कम्प्यूटर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, केमिकल, प्रोडेक्शन इंजीनियरिंग, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी में बीटेक की पढ़ाई हो रही है। नए सत्र से अप्लाइड मैकेनिक्स ब्रांच में भी पढ़ाई होगी। 

वर्जन
अप्लाइड मैकेनिक्स में ‘इंजीनियरिंग मैकेनिक्स एंड कम्प्युटेशन’ बीटेक प्रोग्राम शुरू होगा। इसके लिए सीनेट से मंजूरी मिल गई है। बीओजी से मंजूरी मिलने के बाद नए शैक्षिक सत्र से 30 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा।  
प्रो. राजीव त्रिपाठी, निदेशक, एमएनएनआईटी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here