कोरोना की तीसरी लहर अगस्त महीने के अंत तक या सितंबर महीने के प्रथम सप्ताह में शुरू होने की आशंका है। लेकिन तीसरी लहर की तैयारी में लापरवाही उजागर हुई है। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सरकार ने सदर अस्पताल समेत जिले के पटोरी, पूसा व दलसिंहसराय में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की थी। सभी स्थानों पर पीएसए (प्रेशर स्विंग एब्‍सार्पशन) ऑक्सीजन प्लांट जुलाई में बन कर तैयार हो जाना था। लेकिन अबतक सदर अस्पताल, दलसिंहसराय व पटोरी में बेस का भी निर्माण नहीं हो पाया है। सिर्फ पूसा में बेस बन कर तैयार है। एक-दो दिनों में ऑक्सीजन प्लॉट की मशीन आ जाएगी। इसके बाद इसे इंस्टॉल किया जाएगा। अगस्त के प्रथम सप्ताह तक ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो जाएगा। हालांकि समस्तीपुर सदर अस्पताल, पटोरी व दलसिंहसराय में देर लगेगी। उधर, सिविल सर्जन डॉ सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कार्य में देरी हुई। बेस का निर्माण नहीं हो पाया था। पूसा में बेस बनाने का काम पूरा हो चुका है। सदर अस्पताल के अलावा दलसिंहसराय व पटोरी में बेस का निर्माण एनएचआई द्वारा कराया जा रहा है।

सदर अस्पताल में 12 हजार लीटर के 32 सिलेंडर भरने की होगी क्षमता, एक-दो दिनों में आएगी मशीन

सदर अस्पताल परिसर में 80 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट बनाया जाना है। इस ऑक्सीजन प्लांट में 12 हजार लीटर के 32 सिलेंडर भरे जाएंगे। प्लांट से प्रतिदिन 500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाएगा। प्लांट लगने के बाद अस्पताल परिसर में पाइपलाइन के माध्यम से सप्लाई दी जाएगी। प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू होने के बाद इमरजेंसी के मरीजों को सहूलियत होगी। 100 से 200 मरीजों को एक साथ निर्बाध तरीके से ऑक्सीजन मिल सकेगी।
पीएसए प्‍लांट में हवा से ऑक्सीजन निकाल कर की जाती है सप्‍लाई : पीएसए (प्रेशर स्विंग एब्‍सार्पशन) प्लांट में हवा से ही ऑक्सीजन बनाने की अनूठी तकनीक होती है। इसमें एक चैंबर में कुछ सोखने वाले रासायनिक तत्व डालकर उसमें हवा को गुजारा जाता है। इसके बाद हवा का नाइट्रोजन सोखने वाले तत्वों से चिपककर अलग हो जाता है और ऑक्सीजन बाहर निकल जाती है।

पटोरी व दलसिंहसराय में भी अब तक नहीं बना बेस

सदर अस्पताल में बेस का निर्माण अंतिम चरण में है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए मशीन भी अगले सप्ताह तक आएगी। पटोरी व दलसिंहसराय में अभी ऑक्सीजन प्लांट के लिए बेस का निर्माण अबतक नहीं हो पाया है। इससे ऑक्सीजन उत्पादन में देरी होगी। यह स्थिति रही तो अगस्त में भी प्लांट तैयार नहीं हो पाएगा।

रोसड़ा अस्पताल में भी प्लांट की मंजूरी

रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की राज्य स्वास्थ्य मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। यहां भी पीएसए (प्रेशर स्विंग एब्‍सार्पशन) 500 एलपीएस क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट बनेगा। सिविल सर्जन ने बताया कि रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में जगह का चयन कर जल्द बेस का निर्माण शुरू किया जाएगा।

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