गया एयरपोर्ट से एयर इंडिया की गया-दिल्ली विमान सेवा अब 2 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके लिए बुकिंग शुरू हो गयी है। गया एयरपोर्ट से एयर इंडिया की गया- वाराणसी-दिल्ली सेवा पहले एक अगस्त से शुरू होनी थी। इसके बाद एक सितंबर की तारीख तय की गयी। एयरपोर्ट निदेशक बंगजीत साहा ने कहा कि फिलहाल 30 सितंबर तक सेवा स्थगित की गई है। हालांकि अभी तक इसका कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है। एयर इंडिया से जुड़े एक कर्मी ने बताया कि गया-दिल्ली सेवा 2 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके लिए टिकट की बुकिंग हो रही है। 

गया- दिल्ली विमान सेवा शुरू नहीं होने से यहां से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। हवाई सफर करने वाले यात्रियों को पटना होकर दिल्ली जाना पड़ रहा है। गया एयरपोर्ट से एयर इंडिया की गया-दिल्ली, गया-कोलकता तथा इंडिगो एयरलाइंस की दिल्ली- गया, गया- कोलकता व गया-वाराणसी की उड़ान जारी रहती थी। लेकिन लॉक डाउन के कारण सभी उड़ान बंद हो गई। फिलहाल 13 अगस्त से इंडिगो की गया-कोलकता की फ्लाइट शुरू है।

कोरोना वायरस के कारण 16 माह से गया एयरपोर्ट से इंटरनेशनल विमानों की उड़ान भी बंद पड़ी है। इंटरनेशनल फ्लाइटों की उड़ान शुरू होने की कोई उम्मीद फिलहाल नहीं है। गया एयर इंडिया कि इंटरनेशनल उड़ान के अलावे म्यांमार, थाईलैंड, भूटान, वियतनाम की कई एयरलाइंस गया से उड़ती थी। सभी उड़ान बंद है। 

मुंबई और बेंगलुरु की उड़ान होने से बोधगया को फायदा

गया से इंडिगो ने मुंबई और बेंगलुरू के लिए सीधी उड़ान शुरू की थी। घरेलू विमानों की कनेक्टिविटी बढ़ने से बोधगया पर्यटन व्यवसाय को काफी फायदा था। लेकिन कोरोना काल में ये फ्लाइट भी बंद हो गई है। इसकी सेवा जारी रहने से जो व्यापार, शिक्षा और रोजगार की वजह से वहां रहते हैं और उनका आना-जाना लगा रहता है। अब तक उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट में आना पड़ता था। या फिर ट्रेन से आना जाना होता था। इसमें 20 घंटे से ज्यादा समय लग जाता था। वे गया से बहुत कम समय में इन शहरों तक आना जाना होता था। अगर यह सेवा भी फिर से शुरू होती है तो बोधगया का पर्यटन उद्योग लड़खड़ाते हुए दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका मिल सकता है। जो कभी विदेशी पर्यटकों पर टिकीं थी। अब घरेलू पर्यटकों से भी उम्मीद रहेगी। 

इस उड़ान से यहां के पर्यटन कारोबारियों को जैन पर्यटकों से उम्मीद है। लंबे समय तक विदेशी पर्यटकों के आने की उम्मीद नहीं देख सरकार व प्राइवेट एयरलाइंस कंपनियां अब घरेलू पर्यटकों पर फोकस करने की रणनीति बनाई है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से पाबंदी हट भी गई तो मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विदेशी पर्यटन की स्थिति सुधरने में कम से कम एक से दो साल का समय लग सकता है।

source- Hindustan

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