बिहार में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए 122 अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनमें सभी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, सभी सदर अस्पताल, सभी अनुमंडलीय अस्पताल व कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं। इनमें गैस पाइपलाइन सहित प्रेशर स्विंग एब्जॉर्बप्शन ऑक्सीजन प्लांट (पीएसए प्लांट) लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। इसके लिए सभी संबंधित अस्पतालों में सबसे पहले विशेष पावर ट्रांसफॉर्मर को लगाया जाना है। सिर्फ ट्रांसफर्मर लगाने व विद्युत उपस्करों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 54 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं ताकि अस्पताल में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति मरीजों को हो सके। 

सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ऑक्सीजन टैंक लगाए जा रहे

स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में ऑक्सीजन टैंक लगाए जा रहे हैं। इसमें लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का भंडारण किया जा सकेगा। 

अभी एक भी स्थान पर नहीं लगा है ऑक्सीजन प्लांट

स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक किसी भी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगाया जा सका है। वर्तमान में अस्पतालों में प्लांट लगाने को लेकर स्थल चिह्नित किया गया है और ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। प्लांट की आधारभूत संरचना निर्माण को लेकर दीवार निर्माण सहित सिविल वर्क किया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 31 अगस्त तक सभी पीएसए प्लांट स्थापित कर दिए जाएंगे। अगले एक माह में सभी ऑक्सीजन प्लांटों व टैंकों की स्थापना स्वास्थ्य विभाग के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की किल्लत के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग को कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मिले अनुभवों के बावजूद ऑक्सीजन की कमी को तत्काल दूर करने को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। 

ऑक्सीजन सिलेंडर की भी हो रही व्यवस्था

विभाग के अनुसार राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की भी व्यवस्था की जा रही है। विभाग के अनुसार सभी जिलों में बीएमएसआइसीएल के माध्यम से सभी जिला अस्पतालों को 10,924 बी. टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, 3696 डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर व 6,183 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। डी टाइप 5000 ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीद का आदेश दिया जा चुका है। जहां से ये उपकरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व अनुमंडलीय अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए हैं।

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