समस्तीपुर । कोरोना वायरस की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक तैयारी में जुट गया है। शून्य से 18 वर्ष उम्र के बच्चे, किशोर व किशोरियों की विशेष रूप से अत्यधिक प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। अनुमानित वृद्धि से निपटने एवं नियंत्रण करने के लिए सिविल सर्जन ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अनुमंडलीय अस्पताल में भी पेडियाट्रिक कोविड के उपचार हेतु बेड के अलावा अन्य आवश्यक संसाधन की उपलब्धता रखने का आदेश दिया है। इसे लेकर सदर अस्पताल में जहां 20 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया हैं। वहीं जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कम से कम 10 या इससे अधिक 25-25 बेड के स्पेशल वार्ड बनाने को कहा गया है। उचित रेफरल की पूर्ण व्यवस्था को लेकर 102 एंबुलेंस सेवा मुफ्त उपलब्ध कराई जानी है। फिलहाल सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिडर उपलब्ध है। इसकी संख्या और बढ़ाने को लेकर विभागीय प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन गैस प्लांट का कार्य भी प्रगति पर है। सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि पहले ही अधिक से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन से युक्त करना भी जरूरी है। इस कार्य में लगातार सफलता भी मिल रही है। जिले में अभी तक 16 लाख लोगों को कोरोना का टीका दिया जा चुका है। बताया कि हम लोगों का पूरा प्रयास है कि तीसरी लहर आने से पहले टीकाकरण के लक्ष्य को हरसंभव पूरा कर लें। अधिक से अधिक टीकाकरण कर संभावित तीसरी लहर से काफी हद तक सुरक्षित रहा जा सकता है। जांच को लेकर सभी तरह की उपलब्ध कराई जा रही सुविधा

कोरोना जांच को लेकर जिले में सभी तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ट्रूनेट तथा एंटीजन जांच की व्यवस्था से तेजी से जांच की जा रही है। जांच का दायरा पहले से अधिक बढ़ाया गया है। कोरोना से बचाव को उपलब्ध कराई जा रही दवाईयां

कोरोना वायरस की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए सदर अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करा दी गई है। जिले में कोरोना इंजेक्शन रेमडेसीविर डोज की उपलब्धता पर भी नजर रखी जा रही है। दरअसल इसकी आपूर्ति संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ही हुई थी। यह इंजेक्शन कोरोना के गंभीर रूप से ग्रसित मरीज को ही दिया जाता है। यह महत्वपूर्ण इंजेक्शन पूरी तरह सिविल सर्जन की निगरानी में रहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here