बिहार/ पटना. राज्य में कोसी सहित अन्य नदियां भी उफान पर हैं. जल संसाधन विभाग ने पटना में गंगा प्रोटेक्शन वाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बालू भरी बोरियों को दीघा से गायघाट तक जगह-जगह जमा किया है. साथ ही 24 घंटे निगरानी के लिए इंजीनियरों की तैनाती की गयी है. मुख्यालय स्थित विभाग का कंट्रोल रूम 24 घंटे इंजीनियरों और फील्ड स्टाफ के संपर्क में है. हर घंटे का अपडेट लिया जा रहा है.

जल संसाधन विभाग के अनुसार, सुपौल जिले के डागमारा मार्जिनल बांध की मरम्मत हो रही है. इसके अलावा राज्य में विभाग के अंतर्गत सभी बांध सुरक्षित हैं. विभाग ने बाढ़ प्रबंधन की विशेष निगरानी के लिए पटना, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, कटिहार और बेगूसराय जिलों में एक-एक अधीक्षण, कार्यपालक और सहायक अभियंता की टीमों का गठन किया है. इस तरह तीन-तीन वरिष्ठ अभियंताओं की छह टीमें बनायी गयी हैं.

कुल 18 वरिष्ठ अभियंताओं की तैनाती की गयी है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बक्सर में शुक्रवार को गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से 79 सेमी अधिक था. मुंगेर में खतरे के निशान से 32 सेमी, भागलपुर में 66 सेमी, कहलगांव में 105 सेमी और साहिबगंज में 107 सेमी अधिक था. सभी जगह गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी का रुख है.

कोसी नदी का जल स्तर कटिहार जिले के कुरसेला में खतरे के निशान से 123 सेमी और खगड़िया जिले के बलतारा में 100 सेमी ऊपर था. कमला बलान का जल स्तर मधुबनी जिले के झंझारपुर में खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर था. यह स्थिर है. अधवारा समूह की नदियां दरभंगा जिले के एकमी घाट पर खतरे के निशान पर पहुंच चुकी थीं. इनमें भी बढ़त का रुख है.

बागमती नदी मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में 82 सेमी ऊपर बह रही थी. यह स्थिर है. बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में खतरे के निशान से 184 सेमी ऊपर बह रही थी. इसमें बढ़त का रुख है. गंडक नदी गोपालगंज जिले के डुमरियाघाट पर खतरे के निशान से चार सेमी ऊपर बह रही थी. यह स्थिर है. घाघरा नदी सीवान जिले के गंगपुरसिसवन में खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर बह रही थी. इसमें बढ़ोतरी का रुख है.

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