कोसी, सीमांचल व पूर्वी बिहार की नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। हालांकि, सीमांचल के अररिया जिले में दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सोमवार शाम 4 बजे बराज पर पानी का डिस्चार्ज 1  लाख 8 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। कोसी क्षेत्र में अन्य नदियों का जलस्तर भी सामान्य बना हुआ है।

अररिया के जोकीहाट प्रखंड से होकर बहने वाली बकरा व परमान का पानी करीब दो दर्जन गांवों में घुसने से बाढ़ की स्थिति बन गयी है। फारबिसगंज में मझुआ-अमहारा मुख्य सड़क पर तेज बहाव से आवागमन ठप है। नरपतगंज एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों में अफरा-तफरी है।  जोगबनी में युवा पथ पर दो फीट पानी बह रहा है। कुर्साकांटा में दर्जनों परिवार के दरवाजे व आंगन में पानी लगा है। 

वहीं कटिहार व पूर्णिया में महानंदा खतरे के निशान को पार कर गयी है। लेकिन दोपहर 12  बजे से जलस्तर घटने लगा। जबकि कोसी, गंगा और बरंडी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता गोपाल चंद्र मिश्र ने बताया महानंदा छोड़ सभी नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। सभी तटबंध और स्पर सुरक्षित है। कनकई और परमान नदी में भी उफान से लोग सहमे हुए हैं।

बागमती व कोसी खतरे के निशान से ऊपर
मधेपुरा जिले के आलमनगर और चौसा प्रखंड के निचले इलाकों में कोसी का पानी फैल रहा है। कुछ जगह डायवर्सन पर पानी आने के कारण आवागमन प्रभावित होने लगा है। जबकि खगड़िया जिले में बागमती नदी का जलस्तर 1.61 तथा कोसी 0.93 मीटर खतरे के निशान से ऊपर है। वही बूढ़ी गंडक व गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है।

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