NEET को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लिए इस परीक्षा में भाग लेते हैं। परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा बेहद कड़ी निगरानी में कराई जाती है। मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में धांधली न हो, इसके लिए एनटीए पुख्ता इंतजाम करती है। सोमवार को सीबीआई ने नीट में धांधली के मास्टरमाइंड और सॉल्वर सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

नीट की परीक्षा को इसी तरह के गिरोह से बचाने के लिए एनटीए कड़े नियमों का पालन करती है, लेकिन कई बार एनटीए पर परीक्षा को सही से कराने का प्रेशर छात्रों पर भारी पड़ता नजर आता है। इस बार की नीट परीक्षा में एक ऐसी घटना सामने आई जिसके बाद से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, केरल के कोल्लम जिले के एक निजी शिक्षण संस्थान में रविवार को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा यानी NEET में शामिल होने वाली लड़कियों को अपनी ब्रा उतारने के लिए कहा गया ताकि उन्हें लिखने की अनुमति मिल सके। यह दर्दनाक घटना तब सामने आई जब 17 साल की एक लड़की (जो अपनी पहली नीट परीक्षा दे रही थी) के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को 3 घंटे के एग्जाम में ब्रा उतारकर बैठने के लिए कहा गया।

क्या है पूरा मामला?
दर्दनाक घटना 17 जुलाई की दोपहर को मार थोमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अयूर में हुई। न्यूज मिनट की रिपोर्ट के मुताबिक गोपकुमार सूरनाड के रूप में पहचाने जाने वाले शिकायतकर्ता-पिता ने कहा कि उनकी बेटी के परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के बाद, वह और उनकी पत्नी अपना दोपहर का भोजन करने वाले थे, लेकिन इसी बीच उन्हें IT से फोन आया और उन्हें गेट पर बुलाया गया।

पीटीआई के मुताबिक पिता ने कहा, “जब हम गेट पर पहुंचे, तो हमने अपनी बेटी की आंखों में आंसू देखे। उसने कहा कि उसे और अन्य लड़कियों को अपने इनरवियर हटाकर शॉल ओढ़कर परीक्षा देने को कहा गया।”

पिता ने कहा, ”मेरी पत्नी ने बेटी को एक शॉल दी और वह वापस अंदर चली गई और हमें लगा कि वह वही है। हालांकि, परीक्षा के बाद, मेरी बेटी व्यथित दिख रही थी और वह मेरी पत्नी की बांहों में फूट-फूट कर रो पड़ी। घर के रास्ते में उसने हमें बताया कि टेस्ट के दौरान उसके साथ क्या हुआ।”

छात्रा के अनुसार, ”केंद्र के एक निरीक्षक ने कहा कि वह या तो अपनी ब्रा उतार सकती है या परीक्षा छोड़ सकती है।”

छात्रा के पिता ने कहा, ”दो कमरे थे जहां COVID-19 प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए युवतियों और लड़कियों के अंडरगारमेंट्स एक-दूसरे के ऊपर रखे हुए थे। परीक्षा देने वालों की उम्र 17 से 23 वर्ष के बीच है। कल्पना कीजिए कि परीक्षा के दौरान पुरुष छात्रों से घिरे होने पर उनके लिए एग्जाम पर ध्यान केंद्रित करना कितना असहज रहा होगा।”

इसके बाद पिता ने कोट्टाराक्कारा के पुलिस उपाधीक्षक के कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई। मंगलवार की सुबह पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए IPC की धारा 354 और 509 के तहत मामला दर्ज किया है।

बाद में पिता ने मीडिया को बताया, ”उनकी शिकायत केवल उनकी बेटी के लिए नहीं बल्कि अन्य सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए भी थी। उन्होंने कहा कि वह मानवाधिकार आयोग का रुख करने के लिए तैयार हैं क्योंकि उनका मानना है कि यह घटना मानवाधिकारों का उल्लंघन है और देश में ऐसा कभी नहीं होना चाहिए।”

पिता ने कहा, ”मेरी बेटी, जो एक मेधावी छात्रा है और वह अभी तक इस अनुभव से उबर नहीं पाई है। वह बिना किसी से बात किए एक कमरे में बैठ जाती है।”

NTA स्टाफ बोला- ‘गलत इरादों’ के साथ शिकायत दर्ज की गई
पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया। सेंटर सुपरिटेंडेंट और इंडिपेंडेंट ऑब्जर्वर के साथ-साथ सिटी कोर्डिनेटर, कोल्लम ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को बताया, “केंद्र में ऐसी कोई घटना नहीं हुई।”

ऑब्जर्वर ने कहा कि केंद्र अधीक्षक ने उन्हें बताया था कि उन्होंने एक लड़की के कंधे पर एक मेटल का बटन देखा था, हालांकि, केंद्र अधीक्षक ने अपने पत्र में एनटीए को घटना की व्याख्या करते हुए शिकायत को ‘काल्पनिक’ बताया। ऑब्जर्वर द्वारा एनटीए को लिखे गए पत्र में कहा गया है, “मैंने सीधे तौर पर अंडरगारमेंट्स को उतारने जैसा कुछ नहीं देखा है जैसा कि शिकायत में आरोप लगाया गया है।”

जबकि सेंटर सुप्रीटेंडेंट ने NTA को लिखे पत्र में कहा, ”मैं सभी प्रक्रियाओं के संचालन में सतर्क था और मेरी जानकारी में परीक्षा के दिन केंद्र में कोई बुरी घटना नहीं हुई है। मुझे लगता है कि शिकायत काल्पनिक और बुरे इरादे से की गई है।”

पत्र में कहा गया, ”मैं NEET के आयोजन के दौरान कोल्लम शहर के सभी 26 केंद्रों के संपर्क में था, किसी भी केंद्र में कोई अनहोनी नहीं हुई। माता-पिता द्वारा लगाई गई शिकायत गलत इरादे से लगती है।”

उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद थी कि वह राष्ट्रीय स्तर के कॉलेजों में से एक में एडमिशन लेगी, लेकिन जो हुआ उसके कारण वह परीक्षा के दौरान ध्यान केंद्रित नहीं कर सकी।”

क्या है NEET का ड्रेस कोड?
इस घटना के बाद कई लोगों के मन में नीट के ड्रेस कोड को लेकर सवाल हैं। NTA द्वार तय ड्रेस कोड के अनुसार, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे कैजुअल और मौसम के अनुकूल कपड़े पहनें, हालांकि, पूरी बाजू वाले हल्के रंग के कपड़े पहनने से बचें। इसके अलावा, वे सैंडल और खुली चप्पल पहन सकते हैं, लेकिन जूते की अनुमति नहीं है। ड्रेस कोड में कहा गया है कि पर्स, गॉगल्स, हैंडबैग, बेल्ट, कैप, साथ ही घड़ी, कलाई घड़ी, ब्रेसलेट, कैमरा, गहने और मेटल के सामान जैसी चीजें प्रतिबंधित हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मेटल के हुक वाले कपड़े भी प्रतिबंधित हैं या नहीं। ड्रेस कोड आस्था की वस्तुओं की अनुमति देता है, लेकिन इसके लिए उम्मीदवारों को परीक्षा से दो घंटे पहले केंद्र को रिपोर्ट करने और उचित तलाशी के लिए कोर्डिनेट करने के लिए कहा जाता है।

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