बिरौल. अंचल प्रशासन की ओर से अभी तक लदहो, पोखराम दक्षिणी व सोनपुर पघारी को पूर्ण बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है. वहीं आंशिक रूप से बिरौल पंचायत के तीन वार्ड, भवानीपुर के दो, उछटी के चार, डुमरी के दो, अकबरपुर बेंक के एक, अफजला से बिरौल नगर पंचायत के एक व साहो के दो वार्ड को घोषित किया गया है.

बिरौल, उछटी व अकबरपुर बेंक का कई गांव व मोहल्ला बाढ़ के पानी से घिर चुका है. दर्जनों लोगों के घर में पानी प्रवेश कर गया है. लोग घर छोड़कर ऊंचे स्थान पर खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं.

सबसे विकराल स्थिति बिरौल की है, जो विधायक स्वर्णा सिंह का गृह पंचायत है. वहीं उछटी, अकबरपुर बेंक व सुपौल की स्थिति कमोवेश वैसी ही बनी हुई है. बावजूद इन तीनों पंचायत को पूर्ण बाढ़ प्रभावित घोषित नहीं किये जाने पर लोगों ने सीओ व सर्वेक्षणकर्ता पर भेदभाव का आरोप लगाना शुरू कर दिया है.

इस समय बाढ़ की त्रासदी झेल रहे पीड़ितों को एमएलसी स्व. सुनील बाबू की याद आ रही है. बिरौल पंचायत के ग्यारी निवासी मो. मूसा अली ने बताया कि काश सुनील बाबू आज जिंदा रहते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता.

लोगों के लिये नाव का भी परिचालन नहीं किया जा रहा है, राहत तो दूर की बात है. स्थानीय जनप्रतिनिधि इन समस्या पर ध्यान देने की जरूरत ही नहीं समझते हैं. इधर सीओ अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि किसी पंचायत के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है.

कर्मी द्वारा बाढ़ प्रभावित पंचायतों का सर्वेक्षण कार्य जारी है. रिपोर्ट के अनुसार उन पंचायतों को पूर्णत: बाढ़ से प्रभावित घोषित किया जायेगा. उन्होंने प्रभावित इलाके में सामुदायिक किचेन व नाव परिचालन किये जाने की बात कही.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here