चकमेहसी थाना क्षेत्र के श्रीनाथपारन गांव से कलौंजर व बघला सहित दरभंगा, मुजफ्फरपुर जिले को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के डगराहा पुल पर मंगलवार को बागमती का पानी चढ़ गया। जिससे आवागमन बाधित है। लोग खतरा उठाकर आवागमन करने को मजबूर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बागमती के जलस्तर में पिछले कई दिनों से अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। बागमती के जलस्तर में वृद्धि से गंगौरा, रमजान नगर आदि जगहों के निचले हिस्सों में बसे टोले मोहल्ले में भी पानी घुसना शुरू हो गया है। वही नामापुर जाने वाली मुख्य सड़क के शांति नदी पुल के निकट सड़क पर पानी चढ़ जाने से आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो गया है।

इधर मंगलवार को मनरेगा पीओ महेश कुमार भगत ने कलौंजर पंचायत के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों ने उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया। मौके पर मुखिया के पति सुजीत बैठा आदि मौजूद थे। युवा जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अनीश कुमार, पप्पू कुमार, रवि रोशन आदि ने प्रशासन से अविलंब डगराहा पुल के निकट नौका परिचालन शुरू कराने की मांग की। उन्होने कहा हे कि अभी क्षेत्र में कही भी सरकारी नौका नही चलायी जा रही है। लोग निजी नौका से पैसा देकर यात्रा कर रहे है। इस संदर्भ में अंचल अमीन ओम विकास ने बताया की नौका का परवाना तैयार किया जा रहा है। जल्द ही नौका का परिचालन शुरू किया जायेगा।

कमरगामा उप स्वास्थ्य केंद्र में घुसा बाढ़ का पानी

बागमती में बढ़ रहे जलस्तर के कारण कल्याणपुर के कमरगामा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र भी बाढ़ की चपेट में आ गया। उप स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में दो फीट से अधिक बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। इससे स्वास्थ्य उप केन्द्र में सभी काम ठप पड़ गया है। इस बाबत सीएचसी के प्रभारी डॉ बीके ठाकुर ने बताया कि बाढ़ समाप्त होने के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र पूर्व की तरह संचालित होगी। विदित हो कि इस स्वास्थ्य उप केन्द्र में एक एएनएम आती थी जो जरूरतमंद लोगों को चिकित्सकीय सुझाव देती थी। लेकिन केन्द्र के ठप हो जाने से वह काम बंद हो गया है।

तीरा व खरसंड में कई सड़कों पर चढ़ा बाढ़ का पानी

कल्याणपुर एक संवाददाता

बूढ़ी गंडक एवं बागमती के जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में पहुंचने लगा है। मंगलवार को तीरा एवं खरसंड पश्चिमी पंचायत के सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ गया। इसके अलावा तीरा तटबंध से मालीौली, रजपा, कमरगामा और मोरवाड़ा गांव जाने वाली सड़क पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई लोगों के घरों को भी बाढ़ के पानी ने चारों ओर से घेर लिया है, जिससे लोग अपने मवेशियों के साथ तटबंध पर रहने चले गये हैं। बाद प्रभावित गांव में सड़क पर पानी के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही तीरा हाट में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। लोगों को आवागमन में हो रही समस्या को लेकर मुखिया मीरा देवी एवं रेखा देवी ने अंचलाधिकारी से नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। अंचलाधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रखंड के नामापूर, गंगोरा एवं छोटी सलहा में लोगों के आवागमन को लेकर चार नाव उपलब्ध करा दी गयी है। ताकि लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।

खतरे के निशान से 18 सेमी ऊपर बह रही बागमती

कल्याणपुर एक संवाददाता

कल्याणपुर से गुजरने वाली बागमती के जलस्तर में मंगलवार सुबह से 2 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले चौबीस घंटे में अब तक बागमती के जलस्तर में 73 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। जिससे यह खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

जलजमाव के बीच नारकीय जीवन जीने को विवश लोग

सिंघिया फोटो एक

सिंघिया, संवाद सूत्र

सिंघिया को भले ही नगर पंचायत का दर्जा मिल गया है, लेकिन नगरवासी अब भी न्यूनतम नागरिक सुविधाओं से वंचित है। नगर पंचायत के कई मुहल्ले में जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है। नगर पंचायत क्षेत्र के सिंघिया दो पंचायत के वार्ड संख्या 8 में करीब एक महीने से सड़कों पर जलजमाव है। जिससे जलजमाव व गंदगी के कारण मुहल्ले के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश है। गंदगी के कारण जलजमाव से दुर्गंध निकल रहा है। साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिससे लोग खतरनाक बीमारियों की आशंका से भयाक्रांत है। स्थानीय लोगों की माने तो बरसात के मौसम आते ही पिछले पांच सालों से प्रत्येक साल ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लोग पानी निकासी की व्यवस्था के लिए प्रखंड प्रशासन से अनुमंडल पदाधिकारी तक गुहार लगाते थक चुके हैं। जब सिंघिया को नगर पंचायत का दर्जा मिला तो स्थानीय मुहल्ले के लोगों में खुशी का माहौल था कि अब उन्हें जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। नगर पंचायत प्रशासन की ओर अब तक जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। नगर पंचायत प्रशासन की ओर अभी तक स्थानीय समस्या की स्थाई समाधान को लेकर कोई विशेष कार्य नहीं किया जा रहा है। मुहल्ले के दीपक झा, आशीष झा, संतोष झा, आनंद मोहन, माधव ठाकुर आदि ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी से जलजमाव की समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है।

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