चकमेहसी। बागमती नदी के जलस्तर में गुरुवार को वृद्धि जारी रहने से नामापुर पंचायत के वार्ड संख्या नौ, दस के दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। घर में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोगों ने वाटरवेज बांध के सोरमार ढाला से भुसकौल ढाला तक आशियाना बनाना शुरू कर दिया है। दर्जनों परिवार नौका से समान लाकर बांध पर शरण ले चुके है। नामापुर पंचायत के वार्ड संख्या 9,10 के मंचित राम, मंगल राम, शत्रुघ्न राम, सुंदेश्वर राम, बबलू राम, रामजी राम, विजय राम, सुनीता देवी, नीलम देवी, रेखा देवी, नेहा देवी, फूलेशरी देवी, दिवेश राम, विजय राम आदि ने बताया कि घर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से बांध पर अपना आशियाना बनाकर रहने को विवश है। इन लोगों ने बताया की सरकारी नौका की व्यवस्था गांव में नही रहने से परेशानी है। इसके कारण निजी नौका से सामान और अपने परिवार के साथ दो तीन खेप में भाड़ा देकर बांध पर आना पड़ा है। इधर गुरुवार से सोरमार ढाला से नामापुर जाने के लिए शांति नदी में दो सरकारी नौका का परिचालन शुरू हुआ है। वही गुरुवार को सीओ अभय पद दास ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। मौके पर हल्का कर्मचारी सुधीर महतो, चंदन कुमार आदि थे। वही चकमेहसी क्षेत्र के रतनपुर, मदनपुर, डरोरी आदि चौरों में बाढ़ का पानी आ जाने से पशुपालकों किसानों के समक्ष पशुचारा का संकट उत्पन हो गया है। इधर मालीनगर पंचायत के माझी टोला व सैदपुर पंचायत के वार्ड संख्या सात में भी बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश करने के कगार पर है। अंधेरा रहने के कारण लोगों को सांप कीड़ा का डर सताने लगा है।ि जसके बाद एकता युवा मंडल सैदपुर के सदस्यों ने लाइट की व्यवस्था की है। जिसमें

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