बिहार में पंचायत चुनाव 2021 को लेकर तैयारी जोरों पर है. वहीं आयोग की ओर से लगातार नए-नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं. आयोग ने अपने एक निर्देश में कहा है कि चुनाव के दौरान गायब रहने वाले चुनाव अधिकारी और कर्मचारी पर पंचायती राज अधिनियम के तहत एफआईआर किया जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मतदान दल के किसी भी सदस्य को बिना अनुमति के गायब रहने पर आयोग ने उनके विरुद्ध तत्काल निलंबन की अनुशंसा करते हुए बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. यानी बिना बताए अगर मतदान दल के कर्मी गायब होते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज की जाएगी.

वहीं दस चरणों में मतदान समाप्ति के अगले दिन या दूसरे दिन मतगणना इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से होगी. निर्वाचन विभाग के अनुसार किसी भी हाल में वर्ग चतुर्थ के कर्मीयों को पीठासीन पदाधिकारी नहीं बनाया जाएगा. इसको लेकर भी जिला स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है.

बताया जा रहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी मतदान दल में एक ही सीरियल समूह के दो अधिकारी नहीं रहेंगे. मतदान दल के दो कर्मी एक विभाग के नहीं होंगे. वही किसी भी हाल में पीठासीन पदाधिकारी व प्रथम मतदान पदाधिकारी समान विभाग के नहीं होंगे. प्रत्येक मतदान दल में पीठासीन पदाधिकारी समेत पांच मतदान अधिकारी होंगे.पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रत्येक मतदान कर्मी को उसके वास्तविक मतदान केंद्र की जानकारी मतदान केंद्र के लिए रवाना होने से कुछ समय पहले दी जाएगी

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