समस्तीपुर। प्रखंड के मऊ धनेशपुर दक्षिण पंचायत निवासी पूर्व फौजी स्व. उपेन्द्र मल्लिक के पुत्र सीआरपीएफ जवान मनोज मल्लिक की आकस्मिक मौत सोमवार की अल सुबह हो गई। वे जम्मूतवी स्थित वन तालाब समूह केंद्र में बतौर सफाईकर्मी प्रतिनियुक्त थे। उनके निधन की खबर मिलते ही जहां पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई वहीं स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल बना रहा। सीआरपीएफ जवान मनोज की मौत को संदेहास्पद बताते हुए पत्नी रेणु देवी ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि हमारे पति की साजिश के तहत हत्या कर उसे आत्महत्या का स्वरूप दिया गया है। रेणु ने कहा कि सोमवार की सुबह करीब 5.40 बजे उनसे बात हुई थी। उन्होंने डीआइजी आवास पर अपनी ड्यूटी में रहने की बात बतायी थी। उसके करीब दो घंटे बाद कमांड कंट्रोल रूम से फोन आया कि मनोज ने रस्सी के फंदे पर झूल आत्महत्या कर ली है। रेणु कहतीं हैं कि करीब एक सप्ताह पहले जब फोन पर उनसे व मनोज की बातचीत चल रहीं थीं। उस समय उधर से काफी देर तक कतिपय जवानों के बीच आपस में गाली-गलौज चल रहा था। माजरा पूछने पर मनोज ने बातों को सामान्य बताकर कुछ बातों को छिपा लिया था। अपने पति की मौत को संदेहास्पद बताते हुए उन्होंने इसके उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इधर घटना की सूचना मिलते ही उनके पैतृक आवास पर सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पत्नी रेणु देवी, पुत्र सौरभ, सन्नी, शुभम का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। सामाजिक सरोकार से जुड़े थे मनोज

सीआरपीएफ जवान मनोज मल्लिक सामाजिक सरोकारों के धनी व्यक्तित्व के साथ-साथ लोगों के बीच हरदिल अजीज थे। जब भी छुट्टी मिलती थी। अपने परिवार- समाज को पूरा समय देते थे। पर्व त्यौहार, लग्न सभी कार्यक्रमों में शिरकत करने के साथ-साथ भरपूर सहयोग करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहता था। रिश्तेदार वार्ड सदस्य अर्जुन मल्लिक व पंच राजू मल्लिक कहतें हैं कि हमेशा चेहरे पर हमेशा मुस्कान संजोएं रहने वाले मनोज किसी भी सूरत में आत्महत्या नहीं कर सकता है। उसकी मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हुई है। इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि हमलोगों को न्याय मिल सके। शहीद मनोज मल्लिक अमर रहे के नारों से गुंजायमान हुआ इलाका सीआरपीएफ जवान मनोज मल्लिक की संदेहास्पद परिस्थितियों में सोमवार को जम्मू तवी स्थित वन तालाब समूह केंद्र सीआरपीएफ कैंपस में हुई मौत के बाद मंगलवार की देर शाम पार्थिव शरीर पैतृक आवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शव को देखते ही जहां पत्नी रेणु देवी दहाड़े मारकर रो रहीं थीं वहीं उनके बार-बार बेहोश होने पर पुत्र सन्नी कुमार व अन्य रिश्तेदार संभालने की कोशिश कर रहे थे। दूसरी ओर उनके पुत्रों के चेहरे पर पिता का साया अपने सिर से हटने का गम सता रहा था। इधर, पार्थिव शरीर के दर्शन को उमड़ी भीड़ शहीद मनोज मल्लिक अमर रहें, मनोज मल्लिक जिदाबाद के नारे लगा रहे थे। शव को लेकर आएं सीआरपीएफ दल के जवानों ने उन्हें ससम्मान स्वजनों को सौंपा।

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