भारत की स्टार महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में देश को पहला मेडल दिला दिया है। चानू ने टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में पदक का भारत का 21 साल का इंतजार खत्म किया और शनिवार को रजत पदक जीतकर देश का खाता भी खोला। उन्होंने महिलाओं की 49 किग्रा वर्ग में क्लीन एंड जर्क में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। चीन की हाऊ झिहू ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। स्टार महिला वेटलिफ्टर ने अब अपना यह मेडल देशवासियों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह एक सपने जैसा था, जोकि अब सच हो गया है। चानू ने साथ ही अपने परिवार, कोच और फैन्स को भी धन्यवाद दिया है। 

​शनिवार को सिल्वर मेडल जीतने के बाद मीराबाई ने ट्विटर पर एक बयान में कहा, ‘ मैं अपना यह मेडल अपने देशवासियों को समर्पित करना चाहती हूं। साथ ही उन सभी को धन्यवाद देना चाहूंगी, जिन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए मेरे लिए दुआएं कीं। मैं अपने परिवार को धन्यवाद कहना चाहूंगी, खासतौर पर मेरी मां का जिन्होंने मेरे लिए काफी त्याग किया और मुझपर विश्वास किया। मुझे सपोर्ट करने के लिए हमारी सरकार, खेल मंत्रालय, साई, आईओए, वेटलिफ्टिं और फेडरेशन, रेलवे, स्पॉन्सर्स और मेरी मार्केटिंग टीम का भी शुक्रिया, जिन्होंने इस सफर में मेरा लगातार सपोर्ट किया।’ 

मणिपुर की एथलीट ने अपने कोच को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘ मैं अपने कोच का भी शुक्रिया अदा करना चाहूंगी। इन लोगों ने मुझे काफी प्रेरित किया और ट्रेनिंग में मेरी काफी मदद की। देश के सभी लोगों का एक बार फिर से बहुत बहुत शुक्रिया। जय हिंद।’

भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने फाइनल प्रयास में 117 किलो का वजन उठाया और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। उन्होंने दूसरे प्रयास में 115 किलो का वजन उठाया। हालांकि पहले प्रयास में वह केवल 110 किलो भार ही उठा पाई थी। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में देश को वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक दिलाया था।

वहीं गोल्ड जीतने वाली चीन की होऊ झीहुई ने कुल 210 किग्रा (94 किग्रा + 116 किग्रा) का भार उठाया। इंडोनेशिया की आइशा विंडी केंटिका ने कुल 194 किग्रा (84 किग्रा + 110 किग्रा) उठाकर कांस्य पदक जीता। मीराबाई 2017 में वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (48 किलो) की चैंपियन बनी थीं। उन्होंने इस साल अप्रैल में में 86 किलो स्नैच और वर्ल्ड रेकॉर्ड 119 किलो वजन उठाकर खिताब जीता था। उन्होंने कुल 205 किलो वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

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