उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को अफसोसजनक बताया और कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी से बात की और उन्हें कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पटना के जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के लिए आदेश जारी कर दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पटना सेंट्रल एसपी और उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गयी है। कहा कि एडीएम ने खुद लाठीचार्ज क्यों किया, ऐसी क्या नौबत आ गयी थी, इसकी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।

उप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दो साल से बिहार को बर्बाद कर रखा था। अब महागठबंधन की सरकार बनने के बाद नौकरी और रोजगार की दिशा में काम हो रहा है। युवाओं से थोड़ा धैर्य बनाएं रखने की अपील की। कहा कि जल्द परिणाम दिखने लगेगा। कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया रातो-रात नहीं होती है, उसके लिए एक मानक संचालन प्रणाली (एसओपी) है। हर विभाग में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर निर्देश दे दिए गए हैं। तेजस्वी यादव ने पार्टी कार्यालय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, पूर्व मंत्री श्याम रजक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, पार्टी के प्रमंडलीय प्रभारियों बल्ली यादव, निर्भय अंबेदकर, फैयाज आलम, डॉ. प्रेम गुप्ता सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक की और संगठन के कार्यो की जानकारी ली। 

तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी की पिटाई के मामले में जांच के आदेश
डाकबंगला चौराहे पर तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे दरभंगा निवासी एक शिक्षक अभ्यर्थी की पिटाई के मामले की डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएम ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पटना के डीडीसी और सिटी एसपी से दो दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने जांच करने को कहा है कि किन परिस्थितियों में अभ्यर्थी पर बल प्रयोग किया गया। 

डीएम द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि टीईटी अभ्यर्थियों द्वारा मांगों के समर्थन में डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन किया किया जा रहा था। राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा था। जिसे दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं पुलिस बल द्वारा आगे बढ़ने से रोका जा रहा था। इस क्रम में हाथ में तिरंगा लेकर जमीन पर लेटे हुए एक व्यक्ति की एडीएम विधि व्यवस्था एवं अन्य द्वारा पिटाई का वीडियो वायरल किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया अत्यंत आपत्तिजनक प्रतीत होता है। इसकी गंभीरता से जांच अपेक्षित है। डीएम ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इसकी गंभीरतापूर्वक जांच करें, ताकि इस मामले में अगली कार्रवाई की जा सके। 

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