• कोरोना महामारी. आइआइटी कानपुर का राहत भरा अनुमान
  • नया वैरिएंट आने पर ही तीसरी लहर नहीं होगी दूसरी लहर जैसी घातक
  • 15 महीने बाद ब्रिटेन को कोरोना प्रतिबंधों से मुक्ति, जम कर हुई पार्टी

Corona Third Wave in

Also read Bihar Panchayat Election 2021: आनलाइन नामांकन पत्र भी इस बार दाखिल कर सकते हैं प्रत्‍याशी, मधेपुरा में जाने क्‍या है तैयारी! India : भारत में कोरोना संक्रमण के 30,093 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 3,11,74,322 हो चुकी है. वहीं 374 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 4,14,482 हो गई है. 45,254 नए डिस्चार्ज के बाद कुल डिस्चार्ज की संख्या 3,03,53,710 हुई है. देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 4,06,130 है.

इधर कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने के लिए देशभर में चल रही तैयारियों के बीच आइआइटी कानपुर के वरिष्ठ प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर दावा किया है कि तीसरी लहर दूसरी से कम घातक होगी. उन्होंने तीसरी लहर के अक्तूबर-नवंबर में आने का अनुमान लगाया है. प्रोफेसर अग्रवाल के मुताबिक, भारत में दूसरी लहर डेल्टा वैरिएंट की वजह से आयी थी. भारत में बड़ी संख्या में लोग डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं. डेल्टा वैरिएंट से लड़ने के लिए देश हर्ड इम्युनिटी की तरफ बढ़ रहा है. ऐसे में तीसरी लहर जल्दी तभी आ सकती है जब कोई नया वेरिएंट अगस्त के अंत तक आ जाये. नया वैरिएंट डेल्टा वेरिएंट से भी ज्यादा तेजी से फैलने वाला हुआ, तो तीसरी लहर अक्तूबर-नवंबर के दौरान आयेगी. इसका असर कुछ-कुछ पहली लहर जैसा रह सकता है.

प्रोफेसर अग्रवाल ने बताया कि भारत में डेल्टा वैरिएंट की वजह से तीसरी लहर आने के आसार कम लग रहे हैं. पिछली साल के कई अध्ययनों में सामने आया कि पांच से 20% लोगों की इम्युनिटी जल्द खत्म हो जाती है. इसकी वजह से उनके दोबारा संक्रमित होने की आशंका होती है. प्रो अग्रवाल ने ही बताया था कि कोरोना की दूसरी लहर कब समाप्त होगी.

इंग्लैंड में लॉकडाउन खत्म एहतियात की अपील : ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने देश में कोविड लॉकडाउन समाप्त होने पर लोगों से वायरस से बचाव संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने की सोमवार को अपील की. संक्रमित पाये गये स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद के संपर्क में आने के कारण जॉनसन खुद भी आइसोलेशन में चले गये हैं. जॉनसन ने डेल्टा स्वरूप के बेहद संक्रामक होने को लेकर भी जनता को आगाह किया.

संक्रमण के बाद नौ महीने तक रहती है एंटीबॉडी : संक्रमित होने के बाद कम से कम नौ महीने तक एंटीबॉडी का स्तर बना रहता है और इससे फर्क नहीं पड़ता कि उस व्यक्ति में कोई लक्षण था या नहीं. इटली की यूनवर्सिटी ऑफ पाडुआ और ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने पिछले साल फरवरी-मार्च में संक्रमित हुए इटली के एक कस्बे के 3000 निवासियों में से 85% के आंकड़ों का विश्लेषण किया.

देश में कोविड के 80% नये मामले डेल्टा वैरिएंट के चलते : देश में कोविड की दूसरी लहर के लिए कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप मुख्य रूप से जिम्मेदार था. आज संक्रमण के 80% से ज्यादा नये मामले इसी के कारण सामने आ रहे हैं. ‘सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम’ के सह अध्यक्ष डॉ एन के अरोड़ा ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अगर वायरस का कोई अधिक संक्रामक स्वरूप आता है, तो संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं.

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