दरभंगा/जाले। जिलेभर में बुधवार को मधुश्रावणी का पर्व धूमधाम से शुरू हुआ। जाले प्रखंड क्षेत्र के मस्सा, मिर्जापुर, राढ़ी, कछुआ-चकौती, नरौछ-बिहारी, सहसपुर, मुरैठा, योगियारा, रतनपुर आदि गांवों में मधुश्रावणी व्रत बुधवार से शुरू हुआ। नवविवाहिताओं ने बासी फूल से माता गौरी की पूजा कर अपने पति के दीर्घायु होने की कामना की। नवविवाहिताओं ने माता पार्वती के साथ भगवान भोलेनाथ व विषहरी नागिन की भी विधिवत पूजा-अर्चना कीं। ठुमरी और कजरी गाकर देवी उमा को प्रसन्न कीं और राजा श्रीकर और उनकी बेटी की कथाएं भी सुनी। पूरे अनुष्ठान के दौरान नवविवाहितओं ने बिना नमक के भोजन ग्रहण करने का भी संकल्प लीं। चकौती के ज्योतिषाचार्य पंडित मदन झा कहते हैं कि यह पर्व इस बार कृष्ण पष्ठी पक्ष में ही षष्ठी तिथि दो दिन हो जाने से यह 28 जुलाई से 11 अगस्त यानी कुल पंद्रह दिनों तक चलेगा। गौरतलब है कि भारत देश के सबसे मनोरम मधुश्रावणी व्रत में नवविवाहिता पूजा के एक दिन पूर्व ही सखी, सहेलियों के संग सज-धज कर पारंपरिक लोकगीत गाते हुए बाग-बगीचे, फुलवारी, बगिया आदि से विभिन्न प्रकार के फूल, पत्र को अपनी डाली में सजाकर लातीं हैं और हर सुबह उसी फूल से अपने पति की लंबी आयु के लिए भगवती गौड़ी के साथ नागवंश विषहर की पूजा करती हैं।

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