बिहार पुलिस के दारोगा-सार्जेंट की शारीरिक दक्षता परीक्षा में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ दिया है। दौड़ पास करने के मामले में तो लड़कियों का प्रतिशत लड़कों से दोगुना है। लड़कों से आगे रहने वाली लड़कियों ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष किया है। इनमें अधिकतर ग्रामीण परिवेश की मध्य या निम्न मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। बिहार पुलिस में 1998 दारोगा व 213 पदों पर सार्जेंट की बहाली होनी है।

36.26 प्रतिशत लड़के तो 58.67 प्रतिशत लड़कियां हुई पास: 

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के मुताबिक, शारीरिक दक्षता परीक्षा में पांच टेस्ट होते हैं। सबसे पहले दौड़ होती है। लड़कों को साढ़े छह मिनट में 1600 मीटर तो लड़कियों को छह मिनट में 1000 मीटर दौड़ लगानी पड़ती है। दौड़ में 8149 लड़के शामिल हुए, जिनमें 3282 ही पास कर पाए। वहीं 4499 लड़कियों में से 3804 ने बाजी मार ली। दौड़ में पास करने वाले लड़कों का प्रतिशत 40.27 तो लड़कियों का 84.55 प्रतिशत रहा। इसके बाद शॉटपुट, हाई व लांग जंप एक-एककर पास करना होता है। आखिर में लड़कों की लम्बाई और सीने की माप ली जाती है, जबकि लड़कियों का हाइट और वजन मापा जाता है। दौड़ की तरह ही लड़कों और लड़कियों के लिए सभी स्पर्धाओं में अलग-अलग पैमाना तय है।

पहले से पुलिस या अर्द्धसैनिक बल में तैनात

अधिकारियों के मुताबिक शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हुईं अधिकतर लड़कियां मध्य या निम्न मध्यवर्गीय परिवार से संबंध रखती हैं। इनमें ज्यादातर के पिता किसान हैं या उनका हल्का-फुल्का कारोबार है। कई लड़कियां तो पहले से पुलिस या फिर अर्द्धसैनिक बल में सिपाही हैं। शादीशुदा महिलाएं भी यहां तक पहुंचने में कामयाब रही हैं। अब इनके सर्टिफिेकट की जांच की जा रही है। इसके बाद अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा की जाएगी।

लड़के 2955 तो लड़कियां 2640 हुई पास

शारीरिक दक्षता परीक्षा में कुल 5595 अभ्यर्थी पास हुए हैं। इनमें 2955 लड़के तो 2640 लड़कियां हैं। शारीरिक परीक्षा में शामिल हुए कुल लड़कों में से पास होने वालों का प्रतिशत 36 से थोड़ा अधिक है। वहीं 58 से ज्यादा लड़कियां सफल हुई हैं।

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