दिल्ली से पटना जाने वाले यात्रियों को इंडियन रेलवे बड़ा तोहफा देने वाली है। दरसल भारतीय रेलवे जल्द ही दिल्ली-पटना के बीच बंदे मातरम एक्सप्रेस चलाने वाली है। इस ट्रेन के चालू होने से मात्र 4 से 5 घंटे में दिल्ली से पटना पहुंच सकते है। सूत्रों के अनुसार यह ट्रेन 2025 में शुरू होगी। दिल्ली से पटना जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस 12 घंटे में दिल्ली से पटना पहुंचती है। आपको बता दें कि भारतीय रेलवे की सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन स्पीड के मामले में विदेशी बुलेट ट्रेन से भी अधिक तेज है। भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वंदे भारत ट्रेन बस कुछ ही सेकेंड में जीरो से 100 किमी की रफ्तार तक पहुंच जाती है.

54 सेकंड में 0-100 की स्पीड हो जाता है, जबकि दुनिया की सबसे तेज स्पीड से चलने वाली बुलेन ट्रेन को यह दूरी तय करने में 55.4 सेकेंड लग जाता है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन काफी अपग्रेडेड है। वंदे भारत ट्रेन इंजन नहीं बल्कि स्वचालित मोटरों से चलती है। इस ट्रेन के 16 डब्बों में से 5 में मोटर लगी होती है। स्वचलित मोटरों से ही त्वरित रफ्तार ज्यादा होता है। बुलेट ट्रेन के आगे लगे एक इंजन पर वंदे भारत के पूरे ट्रेन में लगी 20 मोटर से अधिक कारगर होती है। वर्तमान में वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा है। वहीं इसके अपग्रेडेड वर्जन की रफ्तार 180, जबकि वर्ष 2025 तक अपग्रेडेड वर्जन की रफ्तार 260 किमी प्रतिघंटा होगी.

मालूम होकि देश की पहली वंदे भारत ट्रने दिल्ली-वाराणसी के बीच चलाई गई। जिसका उद्घाटन 15 फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह ट्रेन व्यवसायिक रन के साथ 17 फरवरी 2019 को शुरू की गई। ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच लगेंगे, जिससे एक ही स्थान से पूरी ट्रेन पर नजर रखी जाएगी। यहीं से ट्रेन के सारे सिस्टम पर निगरानी की जाएगी। वंदे भारत पूर्ण रूप से AC ट्रेन है। किन्तु अब इसका ऐसी और भी बेहतर होगा। अपग्रेडेड वर्जन में कोच को बैक्टिरिया फ्री एयर कंडीशनिंग सिस्टम से लैस होगा।नई वंदे भारत एक्सप्रेस को अपग्रेडेड वर्जन का नाम दिया गया है। उसमें बैठने में सुविधा का खास खयाल रखा जाएगा।

ट्रेन की रेक्लाइनिंग सीट को पुशबैक से लैस होगा, उसे आराम के आगे या पीछे किया जा सकेगा। इसमें हर कोच में 4 आपातकालीन खिड़की होंगे, पैसेंजर इन्फाॉर्मेशन सिस्टम लगेगा। हर कोच में 2 के बजाय 4 इमरजेंसी पुश बटन होंगे। इमरजेंसी विंडो बढ़ेंगे, गेट व विंडोज में फायर सर्वाइवल केबल का उपयोग होगा, ताकि आग लगने की स्थिति में भी गेट व विंडो खोलना आसन होगा।वंदे भारत एक्सप्रेस के अपग्रेडेड वर्जन में बिजली जाने पर वेंटिलेशन और लाइटिंग के लिये वैकल्पिक व्यवस्था है। बिजली जाने पर लगभग 3 घंटे का वेंटिलेशन मौजूद होगा। हर कोच में बड़ी-बड़ी लाइटें लगी होंगी जो कोच की लाइटें खराब होने पर इस्तेमाल होगी, जो ज्यादा देर तक जलेंगी।

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