बिहार /दरभंगा ;-नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जिला से गुजरने वाली बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान आदि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदियों के उफान पर आते ही निचले इलाकों में बाढ़ ने दस्तक दे दी है. जलस्तर में लगातार वृद्धि रही तो निचले इलाके के लोगों को परिवार और मवेशियों के साथ तटबंधों या ऊंची जगहों पर शरण लेनी पड़ सकती है. हनुमाननगर प्रखंड के बहपत्ती, अम्मा, छतौना, काली, डीहलाही, नरदरिया, पोअरिया गांव के लोग नदी में पानी बढ़ते देख बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं.

खाने पीने में काफी दिक्कत

बताया जा रहा है कि बाढ़ के समय लोगों को खाने पीने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मवेशियों के लिये चारा की किल्लत हो जाती है. वहीं, प्रशासनिक स्तर पर स्थिति से निपटने की हर संभव तैयारी पूरी कर रखी है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम पहुंच चुकी है. जल संसाधन विभाग ने सभी स्थानों पर इंजीनियरों को अलर्ट कर दिया है. तटबंध सुरक्षा को लेकर विभाग ने स्थानीय लोगों की टोली तैयार कर ली गई है. समाहरणालय में 24 घंटा के लिए नियंत्रण कक्ष 31 अक्तूबर तक संचालित रहेगा. बेहतर संचालन के लिए प्रतिनियुक्त कर्मियों से तीन शिफ्ट में काम लिया जा रहा है. आमजन के लिए दूरभाष संख्या- 06272 2450 55 जारी किया गया है.

प्रशासन की तैयारी

जिले में सरकारी नाव 213, निजी नाव 468, जिला आपदा गोदाम में उपलब्ध पॉलिथीन सीट 28588 पीस, अनुमंडल एवं अंचल आपदा गोदाम में 13 हजार पॉलिथीन सीट है.जिला आपदा भंडार में लाइफ जैकेट 50, अंचल वार 434 ऊंचा स्थल चिह्नित कर लिया गया है. सभी पीएचसी एवं रेफरल अस्पतालों में दवा का भंडारण हो चुका है. जिला आपदा प्रबंधन प्रभारी पदाधिकारी सत्यम सहाय ने बताया कि नदियों में लगातार जलस्तर बढ़ने से चौकसी बढ़ा दी गई है. हर आपदा से लड़ने को जिला प्रशासन की तैयारी अंतिम चरण में है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here