बिहार/पंचायत चुनाव के अगस्त से सितंबर माह के बीच होने की संभावना बनी हुई है. स्थानीय चुनाव होने के कारण यह काफी संवेदनशील होता है. चुनाव पूर्व से लेकर बाद तक अशांति फैला कर विधि-व्यवस्था बाधित करने की संभावना बनी रहती है. जब से पंचायती राज को वित्तीय अधिकार मिले है, तब से यह चुनाव काफी प्रतिस्पर्धी हो गया है. इसको देखते हुए पुलिस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है.

पंचायत चुनाव में अशांति फैलाकर मतदान कार्य बाधित करने वाले व विधि व्यवस्था उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के साथ पुलिस सख्ती बरतेगी. तिरहुत रेंज के आइजी गणेश कुमार ने सभी पुलिस कप्तान को पत्र जारी कर निर्देश दिया है. बताया है कि पंचायत चुनाव को देखते हुए अवैध हथियार रखने व शराब के धंधेबाजों पर भी पुलिस की पैनी नजर है.

लाइसेंसी हथियारों का भौतिक सत्यापन भी करना है. सभी थाना की गुंडा पंजी, लूट पंजी, डकैती पंजी आदि को अपडेट करना है. इसमें शामिल शातिरों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है. चुनाव के दौरान उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के थानेदार को विशेष अलर्ट कराया गया है. उन्हें चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है.

बताते चलें कि बिहार मेें पंचायत चुनाव की तैयारी को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. माना जा रहा है कि 20 अगस्त तक बिहार में पंचायत इलेक्शन की घोषणा की जा सकती है. बिहार में कोरोना वायरस की वजह से पंचायत चुनाव को टाल दिया गया था. अब कोविड की रफ्तार धीमी होने के बाद पंचायत चुनाव कराया जा सकता है.

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