दरभंगा जंक्शन पर पार्सल ब्लास्ट की जांच में जुटी एनआईए की सात सदस्यीय टीम सोमवार को यहां पहुंची। कड़ी सुरक्षा के बीच टीम ने ब्लास्ट के मामले में कई कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया। टीम ने पार्सल ब्लास्ट के वक्त मौके पर मौजूद लोगों की गवाही भी दर्ज की। दरभंगा जंक्शन पहुंचने पर एनआईए की टीम ने वहां के अति विशिष्ट प्रतीक्षालय दरभंगा हॉल में बारी-बारी से करीब दर्जनभर लोगों को बुलाकर उनका बयान दर्ज किया।

प्रतीक्षालय के बाहर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था थी। पार्सल कार्यालय के कर्मियों से भी पूछताछ के बाद उनका का बयान दर्ज किया गया। इनके अलावा घटनास्थल के आसपास मौजूद कई वेंडरों से भी पूछताछ की गई। बताया जाता है कि एनआईए की टीम दरभंगा के जीआरपी थाना प्रभारी हारूण रशीद का भी बयान दर्ज करेगी।

वहीं दूसरी ओर कई गवाहों के बयान लेने के बाद एनआईए की टीम जीआरपी थाने भी पहुंची। थाने में रखे गए जले हुए पार्सल के कुछ टुकड़ों का मुआयना किया। इस दौरान ब्लास्ट के मामले में दबोचे गए नासिर और इमरान की ओर से दिए गए बयान का पार्सल के जले हुए टुकड़ों से मिलान भी किया गया। हालांकि जांच के संबंध में एनआईए के अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। 

SC

17 जून को पार्सल पैकेट में हुआ था धमाका: 
गौरतलब है कि गत 17 जून को सिकंदराबाद से दरभंगा पहुंची ट्रेन के लगेज वैन से रेडीमेड कपड़ों के पार्सल उतारे जाने के बाद उसमें धमाका हो गया था। प्राथमिक जांच में ब्लास्ट के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर से जुड़ने के बाद मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गयी थी। एनआईए की चार सदस्यीय टीम ने 25 जून को दरभंगा जंक्शन पर पहुंचकर छानबीन शुरू की थी। जांच का जिम्मा मिलने के चंद दिनों में ही एनआईए ने हैदराबाद से दो सगे भाइयों नासिर और इमरान मल्लिक को गिरफ्तार कर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया था। इनके अलावा उत्तर प्रदेश के शामली से हाजी सलीम और कफील की गिरफ्तारी हुई थी। 

इकबाल काना के इशारे पर रची गयी थी साजिश: 
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में साफ हुआ था कि पाकिस्तान में बैठे लश्कर हैंडलर इकबाल काना के इशारे पर केमिकल बम से सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस को उड़ाने की साजिश रची गयी थी। शुक्र था कि बम बनाने में नासिर से थोड़ी चूक हो गयी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया था। मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपितों से एनआईए को कई अहम जानकारी प्राप्त हुई है। कई स्लीपर सेल जांच एजेंसी के निशाने पर हैं। दरभंगा से भी ब्लास्ट का कोई कनेक्शन है, इसे लेकर भी एनआईए जांच कर रही है।

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