• बूढ़ी गंडक का जलस्तर शहर में खतरे के निशान से 1.33 मीटर ऊपर
  • जिले में 3 लाख से अधिक लाेग बाढ़ प्रभावित; मुशहरी, बाेचहां, गायघाट के नए इलाकाें में फैल रहा पानी

अधिकतर नदियाें का जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद बूढ़ी गंडक नदी अब भी खतरे के निशान से 1.33 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि, बागमती व गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।

इस बीच शनिवार से हाे रही बारिश के अगले दाे दिनाें तक जारी रहने की आशंका काे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर समाहर्ता अजय कुमार ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंताओं काे तटबंधाें की सुरक्षा काे लेकर अलर्ट रहने काे कहा है।

खासकर, बूढ़ी गंडक नदी का दायां तटबंध कई स्थानाें पर खतरनाक हाे गया है। कांटी के काेठिया, मुशहरी के सलहा, महमदपुर काेठी सहित अन्य स्थानाें पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उधर, बागमती की पुरानी धारा में बूढ़ी गंडक का पानी आने से मुशहरी, बाेचहां व गायघाट के कई इलाकाें में बाढ़ का पानी फैल गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी रिपाेर्ट के अनुसार, अबतक दस प्रखंड बाढ़ प्रभावित है। इसमें 3 लाख 4 हजार से अधिक की आबादी बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभाविताें व विस्थापित परिवाराें के लिए जिले के 121 स्थानाें पर सामुदायिक रसाेई का संचालन किया जा रहा है। इसमें 1 लाख से अधिक लाेग भाेजन कर रहे हैं।

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