Bihar Flood: बक्सर जिले में गंगा (Buxar Ganga) का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. जिले में गंगा खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. यहां बाढ़ की स्थित विकराल होती जा रही है. इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. गंगा का जल स्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है.

गांव में पानी घुसने से पलायन जारी

जल स्तर में वृद्धि के कारण गंगा के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. बक्सर-कोइलवर तटबंध पर पानी का दबाव लगातार बढ़ते जा रहा है. जिस कारण तटबंध पर खतरा मंडरा रहा है. चौसा-मोहनियां रोड पर पानी बहने के कारण अब आवागमन रोक दिया गया है. गंगा का रौद्र रूप देखकर सिमरी में तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों का पलायन शुरू हो गया है. गांव में पानी घुसने से लोग जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. जल स्तर बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के लोगों में खौफ पैदा हो गया है. लोग सुरक्षित स्थान पर अपने सामान को पहुंचाना शुरू कर दिया है.

कर्मनाशा नदी में आयी बाढ़ से चौसा ब्लॉक की बढ़ी मुसीबतें

गंगा नदी के जल स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से चौसा ब्लॉक की कर्मनाशा नदी में आयी बाढ़ से बनारपुर, सिकरौल के बाद रोहिनीभान गांव के लोगों में बाढ़ जैसी विभीषिका का खौफ कायम हो गया है. अगले कुछ दिनों में भी गंगा नदी का पानी बढ़ने का अनुमान है. जिस प्रकार बनारपुर, सिकरौल, जलीलपुर, रोहिनिभान गांवों के उत्तरी इलाके जलमग्न हो चुके हैं और जल स्तर में वृद्धि को देख लोग काफी भयाक्रांत हैं. अगर इसी तरह नदी का पानी बढ़ता रहा तो क्षेत्र के चौसा, नरबतपुर, खिलाफतपुर, रोहिनीभान, जलीलपुर, तिवाय, डिहरी, रामपुर आदि गांवों के लोग भी बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं.

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प्राइवेट व सरकारी नाव के सहारे घरों में जा रहे लोग

गंगा में पानी खतरे के निशान के पार कर जाने के चलत पानी के दबाव से कर्मनाशा नदी का पानी लगातार बढ़ने से बनारपुर गांव के रिहाइशी इलाके में दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी भर गया है. लोग बताते हैं कि अभी फिलहाल गांव के मेन रोड से उत्तर कर्मनाशा नदी के किनारे बसे दर्जनों घर व दक्षिण दिशा में भी कुछ घर प्रभावित है जो प्राइवेट नाव के सहारे अपने घरों से आते जा रहे हैं. पिछले आठ दिनों से गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ने सिकरौल गांव के पास तक जा पहुंचा है.

सिकरौल में हजारों की आबादी खतरे में

गांव के निचले हिस्से की दर्जनों झोपड़ियों में बाढ़ का पानी घुस गया. चौसा-मोहनिया मार्ग से सिकरौल गांव में जानेवाले लिंक रोड पर तीन से चार फुट तक पानी चढ़ गया जिससे गांव वालों को गांव में आने जाने में काफी फजीहत झेलनी पड़ रही है. लोगों का कहना है कि अगर नदी का जल स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हजारों की आबादी वाले उक्त गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर सकता है. वैसे भी गांव का उत्तरी इलाका पूरी तरह जलमग्न हो चुका है.

बाढ़ के दबाव को लेकर प्रशासन एलर्ट : ब्रिजबिहारी

गंगा व कर्मनाशा नदियों के जल स्तर में हो रही बढ़ोतरी से बचाव को लेकर जिला प्रशासन काफी मुस्तैद है. प्रशासन द्वारा बाढ़ से बचाव को लेकर तैयार है. चौसा के सीओ ब्रिजबिहारी प्रसाद द्वारा सोमवार को बाढ़ग्रस्त होनेवाले बनारपुर, सिकरौल, रोहिनीभान, जलीलपुर व तिवाय आदि गांवों का जायजा लिया गया तथा लोगों को कई दिशा निर्देश दिये गये. सीओ ने बताया कि गंगा व कर्मनाशा नदियों से क्षेत्र में आने वाली बाढ़ से राहत व बचाव की सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.

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