हायाघाट। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से एक बार फिर से नदियां उफान पर हैं। इस कारण घट रहे बाढ़ के पानी मे फिर से वृद्धि होने लगी है। एक बार फिर से लोग ऊंचे स्थलों की ओर अपना बसेरा ढूंढने लगे हैं। नदियों के जलस्तर में दो हफ्तों के बाद फिर से वृद्धि होने लगी है। बागमती, अधवारा और कमला बलान नदियां जिले में खतरे के ऊपर बहने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 19 अगस्त की दोपहर दो बजे तक बेनीबाद (गायघाट) में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.16 मी. ऊपर 49.84 मी.पर पहुंच गया है। हायाघाट में यह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर 46.24 मी.पर बढ़ रही है। हालांकि अधवारा नदी सोनवर्षा (सीतामढ़ी) में खतरे के निशान से 1.46 मी. नीचे 80.39 मी.पर बह रही है, परंतु कमतौल में यह खतरे के निशान से 74 सेमी ऊपर 50.74 मी.पर बहने लगी है। एकमीघाट में भी यह खतरे के निशान से 64 सेमी ऊपर 47.58 मी.पर स्थिर बनी हुई है। इधर कमला बलान नदी जयनगर में खतरे के निशान से मात्र 06 सेमी नीचे 67.69 मी.पर बह रही है, जबकि झंझारपुर में यह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर 50.52 मी. ऊपर बढ़ते क्रम में बह रही है।

पिंडारूच गांव की सड़कों पर फैला बाढ़ का पानी:

केवटी। प्रखंड क्षेत्र की बागमती अधवारा नदी के जलस्तर में फिर से हो रही वृद्धि के कारण पिण्डारुच गांव की सड़क पर पानी चलना प्रारंभ हो गया है। पिण्डारुच के समाजसेवी गौरव कुमार चौधरी ने उक्त जानकारी देते हुऐ बताया कि पिण्डारुच दुर्गा मंदिर से पिण्डारुच पुल व पिण्डारुच पश्चमी की तरफ जाने वाले मार्ग पर पानी का बहाव शुरू हो गया है जिससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं यातायात बाधित हो गया है।

पिण्डारुच पंचायत भवन जाने के सारे मार्ग बंद हो चुके हैं। पिण्डारुच स्थित क्रिकेट स्टेडियम पूरी तरह पानी में डूब चुका है। पुन: बाढ़ के खतरे से लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here