दरभंगा / बिहार में बागमती नदी में आई बाढ़ से दरभंगा जिला में तबाही का दौर जारी है. एक तरफ जहां सैकड़ों गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है और हजारों की आबादी प्रभावित हुई है वहीं दूसरी तरफ पुल-पुलिया भी इस बाढ़ में ध्वस्त हो रहे हैं. दरभंगा के केवटी प्रखंड क्षेत्र में दरभंगा और मधुबनी को जोड़ने वाला एक पुल सोमवार की रात ध्वस्त हो गया और इसका काफी हिस्सा बाढ़ में बह गया.

केवटी प्रखंड के लैला चौरा इलाके में स्थित दरभंगा और मधुबनी को जोड़ने वाला यह बड़ा पुल बागमती नदी के तेज रफ्तार के कारण लगातार हो रहे कटाव की वजह से जवाब दे गया और ध्वस्त हो गया.

इस पुल के बह जाने से इलाके के तकरीबन 10 से 12 पंचायत के सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है. इस पुल के बन जाने से सबसे ज्यादा असर जिन गांव के लोगों पर पड़ा है उनमें चक्का, लहवार, परसा, बिशनपुर, लालगंज, बाढ़ समैला, बनसारा, कमलदह, जीबड़ा और छतवन पर पड़ा है.

इन इन गांव में रहने वाली हजारों की आबादी जो रोजाना स्कूल का इस्तेमाल साइकिल, मोटरसाइकिल और पैदल जाने के लिए शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल किया करते थे इन्हें अब 15 से 20 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ेगा.

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल भी यह पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था. प्रशासन ने उसकी मरम्मत कराई थी मगर इस साल यह पुल बाढ़ का दबाव नहीं झेल पाया.

इन गांव में रहने वाली हजारों की आबादी जो रोजाना स्कूल का इस्तेमाल साइकिल, मोटरसाइकिल और पैदल जाने के लिए शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल किया करते थे इन्हें अब 15 से 20 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ेगा.

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल भी यह पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था. प्रशासन ने उसकी मरम्मत कराई थी मगर इस साल यह पुल बाढ़ का दबाव नहीं झेल पाया.

इस पुल के बह जाने से इलाके के तकरीबन 10 से 12 पंचायत के सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है. इस पुल के बन जाने से सबसे ज्यादा असर जिन गांव के लोगों पर पड़ा है उनमें चक्का, लहवार, परसा, बिशनपुर, लालगंज, बाढ़ समैला, बनसारा, कमलदह, जीबड़ा और छतवन शामिल हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here