बिजली चोरी रोकने के लिए बिहार में विभाग ने एक अभियान छेड़ा है। अभियान के तहत बिजली विभाग ने घर-घर अब स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्मार्ट मीटर लगने से विभाग समेत उपभोक्ताओं को भी काफी फायदे होंगे। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को बिजली बिल के झंझट इसे छुटकारा मिल जाएगा। मोबाइल की तरह रिचार्ज होने वाले इन मीटरों में जितने का रिचार्ज करोगे उतनी ही बिजली खर्च कर पाओगे। मुजफ्फरपुर में जिले के अधिकारियों को स्मार्ट मीटर को लेकर पटना में ट्रेनिंग दी जा रही है।

स्मार्ट मीटर के बाद बिजली चालू करने के लिए दर तय कर दिये गये हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को कम से कम पांच रुपये का रिचार्ज कराना होगा। इसके बाद ही बिजली चालू होगी। मोबाइल सेस ही रिचार्ज होगा। वहीं अलग-अलग जगहों पर रिचार्ज सेंटर भी खोला जाएगा। ऊर्जा विभाग के सचिव संजीव हंस ने मुजफ्फरपुर सहित सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजा है। कहा गया है कि जुलाई 2022 स्मार्ट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसपर काम शुरू है। सचिव ने डीएम से कहा है कि परियोजना को समय से पूरा करने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित करें।

स्थानीय प्रशासन वितरण कंपनियों को सहयोग दें। सीनियर प्रोटोकॉल अफसर ख्वाजा ने कहा कि पहले चरण का 23 लाख मीटर लगा दिया जाएगा। जबकि जिले में शुरुआत में पांच हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। कई जगहों पर स्मार्ट मीटर लगने का काम शुरू हो गया है। इसको लेकर कहा कि उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगने के बाद कम से कम पांच रुपये का रिचार्ज कराना होगा। इसे उपभोक्ता कितने दिनों में खर्च करते हैं। यह उनपर निर्भर करेगा।

राशि खत्म होने के बाद फिर से कम से कम पांच रुपये का रिचार्ज हो सकेगा। मोबाइल पर रिजार्च के साथ सेंटर भी खुलेगा। साथ ही बुजुर्ग उपभोक्ताओं को एजेंसी की ओर से कर्मी को भेज कर भी रिचार्ज की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से नंबर जारी किया जाएगा। इसपर मिस्ड कॉल करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग पटना में दी जा रही है। ट्रेनिंग के बाद उपभोक्ताओं को बताया जाएगा कि स्मार्ट मीटर का संचालन कैसे होगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here