देशभर में अग्निपथ योजना को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इसके चलते कई ट्रेनों को भी कैंसल करना पड़ा है। ट्रेनों के कैंसिलेशन से पैसेंजर्स की परेशानी तो बढ़ी ही है, साथ ही ताप बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचने में दिक्कत हो रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादन कंपनी पीएसपीसीएल ने शनिवार को यह बात कही।

20 रैक से घटकर रह गई आठ
इस बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि पहले रोजाना कोयले के 20 रैक की आवक थी, जो घटकर आठ हो गई है। पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बलदेव सिंह सरन ने कहा कि प्रदर्शन के कारण विभिन्न ट्रेन रद्द होने के कारण राज्य के पांच ताप बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचने में दिक्कत हो रही है।

खत्म होने लगा है कोयले का भंडार
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, गोइंदवाल ताप विद्युत संयंत्र में कोयले का भंडार लगभग खत्म हो चुका है जबकि तलवंडी साबो बिजली संयंत्र में चार दिन से भी कम का कोयला बचा है। लेहरा और रूपनगर बिजली संयंत्रों की स्थिति कुछ बेहतर है और उनमें क्रमश: 16 और 17 दिनों के लिए कोयला बचा है। वहीं, राजपुरा बिजली संयंत्र में 23 दिनों के लिए पर्याप्त कोयला है।

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