Katihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री को यूं तो शुभकामना के लाखों संदेश मिलते होंगे, लेकिन बिहार के कटिहार गांव में उस दिन उत्साह जैसे माहौल होता है. इस गांव के लोग उस दिन उनकी विशेष पूजा करते हैं. इस गांव के करीब सभी घरों में प्रधानमंत्री के चाहने वाले हैं.

प्रतिमा बनाकर होती है पूजा

पिछले चार-पांच वर्षो से ये लोग प्राधानमंत्री की एक प्रतिमा बनाकर उनकी पूजा कर रहे हैं. मोदी मंदिर में प्रधानमंत्री और हनुमान जी की प्रतिमा है, जहां लोग उनकी पूजा करते हैं. कटिहार के आजमनगर प्रखंड के आनंदपुर गांव के लोगों ने मंदिर में प्रधानमंत्री की प्रतिमा भी स्थापित की है. लोगों का दावा है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही गांव का विकास हुआ है. इस कारण उन्हें विकास पुरूष (विकास का देवता) मानकर पूजा की जाती है.

गांववालों ने कराया है निर्माण

बघौर पंचायत के मुखिया ललन विश्वास ने बताया कि गांव के लोग चंदा इकट्ठा कर मंदिर का निर्माण करवाए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री की प्रतिमा स्थपित की गई है.
उन्होंने बताया कि चार-पांच साल पूर्व गांव में एक यज्ञ का आयोजन किया गया था, तभी यहां के लोगों को प्रधानमंत्री की प्रतिमा स्थापित करने का विचार मन में आया, इसके बाद गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और प्रतिमा स्थापित की गई. उन्होंने बताया कि जहां मंदिर स्थापित है, उस जगह का नाम भी प्रधानमंत्री के नाम पर `मोदी चौक` दिया गया है.

गांव में रहता है उत्सव का माहौल 

मुखिया ललन विश्वास ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन यानी 17 सितंबर को आनंदपुर गांव में उत्सव सा माहौल रहता है. मोदी के जन्मदिन को लेकर मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया जाता है. हर घर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. साथ ही पूरे गांव में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई कराई जाती है. गांव के स्त्री, पुरूष और बच्चे उस दिन मंदिर में पहुंचते हैं ओर प्रधानमंत्री की पूजा करते हैं.

मंदिर की देखरेख कर रहे सुनील राय बताते हैं कि मंदिर को भव्य रूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए पंचायत चुनाव के बाद बैठक बुलाई जाएगी और उस पर विचार किया जाएगा. वे कहते हैं कि सीमांचल क्षेत्र का यह गांव विकास में मामले में कोसों दूर था, लेकिन मोदी के सत्ता में आने के बाद पक्की सड़क, बिजली, पानी सहित सभी मूलभूत आवश्यकताएं पहुंच गई हैं.

‘राजनीति से ना जोड़े’

ग्रामीण इसे पूरी तरह राजनीति से अलग बताते हुए कहते हैं कि इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. यह अंतरात्मा की बात है. यहां के लोग खुद को मोदी `भक्त` तक बताते हैं. मुखिया ललन विश्वास भी कहते हैं कि गांव में भले ही लोग अन्य दलों के मतदाता हों, लेकिन उनकी आस्था प्रधानमंत्री को लेकर है. उन्होंने बताया कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदपुर गांव के अलावे पड़ोसी गांव सिंघरौल की भी तस्वीर बदल गई हैं.

ग्रामीणों की इच्छा है कि प्रधानमंत्री स्वयं इस गांव में आएं और भ्रमण करें. वे कहते हैं कि यहां के लोग प्रधानमंत्री को विकास का देवता मानते हैं. यही कारण है कि उनका जन्मदिन भी लोग अलग तरीके से मनाते हैं.

input- zee bihar zharkhand

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