नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने राज्य के चार शहरों में किसी प्रकार के पटाखे छोड़ने पर रोक लगा दी है। एनजीटी ने सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल राजधानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर में पटाखों की बिक्री व उपयोग पर पूर्णत: रोक लगा दी है। इन शहरों में ग्रीन पटाखे भी नहीं छोड़े जाएंगे। वहीं, राज्य के अन्य शहरों में ग्रीन पटाखे ही छोड़े जाएंगे। 

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के वरिष्ठ विज्ञानी एवं वायु प्रदूषण विशेषज्ञ अरुण कुमार का कहना है कि पिछले वर्ष  दिवाली के समय वायु प्रदूषण की स्थिति काफी खराब हो गई थी। उसी के मद्देनजर इस वर्ष सावधानी बरतते हुए राज्य के चार शहरों में पटाखों की बिक्री एवं छोडऩे पर रोक लगा दी गई है। इन जिलों में पटाखे बिक्री का लाइसेंस भी नहीं जारी किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखे छोड़ने से वातावरण में पीएम 10, पीएम 2.5, एसओटू, एनओटू के अलावा हानिकारक गैसों की मात्रा बढ़ जाती है। इससे सांस की समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं।

  • ष जिलों में केवल ग्रीन पटाखे छोड़ने की ही इजाजत
  • – प्रदूषण बोर्ड ने सभी जिला अधिकारियों को भेजा पत्र
  • – 10 बजे दिवाली रात के बाद आतिशबाजी करने पर होगी कार्रवाई 
  • – 6 से आठ बजे सुबह तक ही छठ महापर्व पर कर सकेंगे आतिशबाजी 
  • – 11.55 से 12.30 बजे रात तक क्रिसमस व नववर्ष पर छोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे

दिवाली की रात आठ से 10 बजे तक ही छोड़ सकते हैं ग्रीन पटाखे 

एनजीटी ने निर्देश दिया है कि ग्रीन पटाखे भी दिवाली की रात आठ से 10 बजे की बीच ही छोड़े जा सकेंगे। रात्रि दस बजे के बाद आतिशबाजी करने पर कार्रवाई होगी। वहीं, छठ पर सुबह छह से आठ बजे तक आतिशबाजी होगी। क्रिसमस एवं नववर्ष के मौके पर भी रात्रि 11.55 से 12.30 बजे तक ग्रीन पटाखे छोड़े जा सकेंगे।

ग्रीन पटाखों की उपलब्धता पर संशय

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने पिछले वर्ष भी राज्य के कई शहरों में ग्रीन पटाखे छोडऩे का निर्देश दिया था, लेकिन उपलब्ध नहीं हो पाया था

source-jagarn

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here