बिहार पुलिस ने अपने डीएसपी के प्रमोशन को किया रद्द, पिछले प्रमोशन को भी गलत बताया बिहार में एक इंस्पेक्टर को प्रमोशन मिलना महंगा पड़ गया. प्रमोशन की खुशी अब डिमोशन के गम में तब्दील हो गयी है. बिहार पुलिस के एक इंस्पेक्टर को दो साल पहले प्रोन्नति मिली और वो डीएसपी बना दिये गये. लेकिन अब सरकार उन्हें वापस इंस्पेक्टर नहीं बल्कि उससे भी एक पद नीचे सब इंस्पेक्टर बनाने जा रही है. वहीं इस प्रमोशन को लेकर अन्य पर भी कार्रवाई की जाएगी.

बिहार में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस विभाग में तैनात अधिकारी त्रिपुरारी प्रसाद के उपर विभागिय कार्रवाई की जा रही है. दो साल पहले जहां उन्हें प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर से डीएसपी बना दिया गया था. वहीं अब सरकार अब उन्हें एक पद और नीचे यानी दारोगा बनाने जा रही है. इसे लेकर आदेश भी जारी कर दिया गया है.

न्यूज 18 वेब पोर्टल के अनुसार, 2019 में त्रिपुरारी प्रसाद को इंस्पेक्टर से डीएसपी के पद पर प्रमोशन दिया गया. जिसे अब बिहार सरकार के गृह विभाग (Home Department) की अधिसूचना के तहत रद्द कर दिया गया है. वहीं प्रसाद इंस्पेक्टर पद पर भी प्रमोशन प्राप्त कर ही आये थे. अब कार्रवाई के तहत उनके दोनों प्रमोशन को रद्द किया गया है. इस तरह अब वो वापस सब-इंस्पेक्टर पद पर ही बने रहेंगे.

गृह विभाग त्रिपुरारी प्रसाद के प्रमोशन को लेकर बेहद गंभीर है और सख्त कार्रवाई के मूड में दिख रहा है. प्रमोशन दिलाने में जिन भी अधिकारियों की भूमिका रही है, गृह विभाग उन सभी पर कार्रवाई करने की तैयारी में है. न्यूज 18 के अनुसार, त्रिपुरारी प्रसाद जब 2006 में बिहार पुलिस की विशेष शाखा में दारोगा थे तब निगरानी विभाग ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था. यह मामला उनके खिलाफ अब भी जारी है. जबकि पुलिस विभाग के प्रावधानों के तहत जिस अधिकारी पर निगरानी की जांच चल रही हो और केस दर्ज हो, उन्हें प्रमोशन नहीं दिया जा सकता है.

बताया जा रहा है कि सभी नियम-कानूनों को किनारे करके त्रिपुरारी प्रसाद को पहले दारोगा से इंस्पेक्टर और फिर 2019 में इंस्पेक्टर से डीएसपी भी बना दिया गया. जब इस मामले की जांच की गयी तो सारा पोल खुलकर सामने आया. अब केवल प्रमोशन लेने वाले नहीं बल्कि प्रमोशन दिलाने वाले तमाम अधिकारी भी नपेंगे.

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