शहर से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक नदी पर बने स्लुइस गेट के बंद रहने परेशानी बनी हुई है. पंप गंदा पानी निकालने में हांफ रहा है. बालू घाट, चंदवारा, सिकंदरपुर कुंडल के मुहल्ला पानी में डूबा हुआ है. शहर समेत आसपास के क्षेत्र व कांटी के बाढ़ प्रभावित अभी भी फोरलेन, बांध के राहत शिविरों में रह रहे हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ग्रस्त इलाके में राहत कार्य चलाया जा रहा है.

सामुदायिक किचेन में लोगों को भोजन कराया जा रहा है.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व सहकारी दुग्ध उत्पादक समिति पर पशुपालन विभाग की ओर से कैंप का आयोजन किया जा रहा है. यहां पर चलंत पशु चिकित्सालय (एंबुलेटरी वैन) भेज कर पशुओं का इलाज किया जा रहा है. चलंत पशु चिकित्सालय में डॉक्टर के साथ दवा आदि भी उपलब्ध रहेगा.

जुलाई माह में तीन कैंप का आयोजन किया जाना है. मंगलवार को सकरा के सरमस्तपुर में मंगलवार को गुरुवार को बोचहां के विशुनपुर जगदीश व मड़वन के बड़का गांव में शुक्रवार को कैंप का आयोजन होगा. यहां पर चलंत पशु चिकित्सालय (एंबुलेटरी वैन) से पशुओं का इलाज किया जायेगा.

विधायक मुन्ना यादव ने सोमवार को डीएम से मुलाकात कर मीनापुर प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की है. उन्होंने डीएम को बताया कि मीनापुर विधानसभा अंतर्गत मीनापुर प्रखंड के 27 व बोचहां प्रखंड के सात पंचायत पूर्ण रूप से बाढ प्रभावित है. उन्होंने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा मीनापुर में सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा पिछले साल बाढ़ में चले सामुदायिक किचेन का पैसा भुगतान नहीं होने का मामला भी उठाया.

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