नीतीश कुमार बुधवार को फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। शपथग्रहण समारोह दोपहर 2 बजे राजभवन में होगा। राज्य में पांच साल बाद दूसरी बार महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। इस बार सरकार में 7 पार्टियां शामिल हैं। वहीं, बीजेपी ने नई सरकार के विरोध में महाधरना करने का ऐलान किया है। बीजेपी बुधवार को प्रदेश कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेगी।

नीतीश कुमार ने मंगलवार को राजभवन पहुंचकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपा और नई सरकार के गठन का दावा पेश किया। उन्होंने राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर 164 विधायकों का समर्थन पत्र भी सौंपा है। नीतीश कुमार के साथ राजभवन में महागठबंधन में शामिल दूसरे दलों के नेता भी थे। राज्यपाल ने नीतीश का इस्तीफा मंजूर कर लिया है और उन्हें कार्यवाहक सीएम बने रहने की अपील करते हुए नई सरकार के गठन के लिए आंत्रित किया है।

नई सरकार में ये पार्टियां हैं शामिल

बिहार में महागठबंन की नई सरकार को 164 विधायकों का समर्थन प्राप्त होगा। इनमें लालू प्रसाद यादव की आरजेडी के 79, नीतीश कुमार की जेडीयू के 45, कांग्रेस के 19, सीपीआई माले के 12, जीतनराम मांझी की HAM के 4, सीपीएम के 2, सीपीआई के 2 और एक निर्दलीय विधायक है। वहीं, अब तक सत्ता में भागीदारी निभा रहे बीजेपी के 77 विधायक विपक्ष में बैठेंगे।

कैबिनेट गठन बड़ी चुनौती

बिहार में नई सरकार का गठन तो होने जा रहा है। मगर नीतीश कुमार के सामने कैबिनेट का गठन बड़ी चुनौती साबित होगी। महागठबंधन में शामिल पार्टियों के विधायकों के साथ मंत्रिमंडल का गठन उनका पहला इम्तिहान होगा। हालांकि इसका ब्लू प्रिंट तैयार है लेकिन मंत्रिमंडल में समायोजन और संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

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