PATNA : बिहार में बालू सोना बन गया है। बालू के अवैध धंधे में लिप्त रहने वाले कई अफसरों पर कार्रवाई की गई है। इनमें दो SP 4 डीएसपी समेत दो दर्जन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। बालू के अवैध खनन में लिप्त रहने वाले अफसरों पर सरकार पूरी तरह से सख्त है। वहीं  बालू का दाम न बढ़े इसको लेकर सरकार ने कई उपाय किए हैं। सरकार ने बालू दाम भी तय कर दिए हैं। बावजूद इसके बालू के स्टॉकिस्ट सरकार के आदेश को ठेंगा दिखा रहे। 

बालू  नीलाम लेने वाले अनुज्ञप्ति धारी 4528 रुपए की जगह 7300 रु प्रति 100 सीएसटी बालू की बिक्री कर रहे। अनुज्ञप्ति धारियों द्वारा बालू की मनमानी कीमत वसूलने के मामले को लेकर ट्रांसपोर्टर भड़क गए हैं। बुधवार को बिहटा थाना पहुंचे ट्रांसपोर्टरों ने पुलिस से इसकी शिकायत की है। साथ ही बाजार समिति में बैठक बुलाने की इजाजत मांगी है। बिहटा थाना पहुंचे ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुणाल किशोर शर्मा ने पुलिस को बताया कि सरकार ने ₹4528 प्रति 100 सीएफटी कीमत निर्धारित किया है। लेकिन बालू की नीलामी लेने वाले अनुज्ञप्ति धारी उसे ₹7300 में बेच रहे हैं। जब हमें 73 सौ रुपए में बालू मिलेगा तो हम उसे किस रेट में बेचेंगे? 

बता दें कि सरकार के आदेश पर डीएम ने प्रति 100 सीएफटी 4528 रुपए का रेट तय कर दिया है। वही ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के रूप में ₹35 प्रति किलोमीटर लेना है। लेकिन बालू के लाइसेंसधारी स्टॉकिस्ट मनमानी कर रहे और सरकार के आदेश का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन कर रहे हैं। 

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