PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बिहार सरकार ने दर्जन भर शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की है. शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लेते हुए बिहार के विभिन्न जिलों में तैनात सात शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है. अनियमित रूप से बहाल होने के कारण इन सभी सातों टीचर्स के ऊपर कार्रवाई की गई है

शिक्षा विभाग ने गुरूवार को दर्जन भर शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की. सात टीचर्स को बर्खास्त करने के साथ-साथ 5 अन्य महिला शिक्षकों पर रिटायरमेंट के बाद कार्रवाई की गई है. इनसभी के पेंशन और ग्रेच्युटी आदि भुगतान पर रोक लगा दी गई है. शिक्षा विभाग के एक बड़े अधिकारी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक जिन सात शिक्षकों की नौकरी गई है, उनमें दो पुरुष शिक्षक और पांच महिला टीचर शामिल हैं

शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्जन भर शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है. इनमें पटना जिले के गुलजारबाग स्थित बीएनआर ट्रेनिंग कालेज, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय (चिरैयाटांड), राजकीय कन्या मध्य विद्यालय (बाढ़), राजकीय कन्या मध्य विद्यालय (दानापुर) और नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय (कमरुद्दीनगंज) की एक-एक महिला शिक्षक को बर्खास्त किया गया है.

इसके अलावा नालंदा जिले के मखदुमपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय के एक शिक्षक और भोजपुर जिले के राजकीय बुनियादी विद्यालय (विभवा) की शिक्षक को भी बर्खास्त किया गया है. इनकी भी नौकरी चली गई है. दरअसल इनसभी के अनियमित रूप से नियुक्ति को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जांच की थी. जिसके बाद यह एक्शन लिया गया है. बताया जा रहा है कि इन सभी के अलावा अन्य पांच महिला शिक्षकों के पेंशन और ग्रेच्युटी आदि के भुगतान पर रोक लगाई गई है, वे सभी हाल ही में रिटायर हुई हैं.

गौरतलब हो कि बिहार  के प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पहले चरण के तकरीबन 400 नियोजन इकाई की काउंसिलिंग रद कर दी गई है. इनमें 95 फीसद पंचायत शिक्षक नियोजन इकाइयां हैं. प्रभावित शिक्षक अभ्यर्थियों की नये सिरे से काउंसिलिंग जल्द करायी जाएगी और इसके लिए दूसरे स्थान को भी तय किया जाएगा.

बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के मुताबिक प्रारंभिक शिक्षक शिक्षकों की बहाली के लिए पहले चरण में अभ्यर्थियों के लिए चार हजार 800 प्रखंड और पंचायत नियोजन इकाइयों में काउंसिलिंग हुई है. इनमें से करीब 400 नियोजन इकाई में हंगामा और मारपीट की घटना, मेधा-सूची में गड़बड़ी और उसके आधार पर अभ्यर्थी के नाम पुकारने में गड़बड़ी जैसे मामले सामने आए. इनमें से कई नियोजन इकाइयों में देर से काउंसिलिंग शुरू होने की शिकायतें भी सामने आई. जिसके कारण तकरीबन 400 नियोजन इकाई की काउंसिलिंग रद कर दी गई.

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