नीरज कुमार ने टोक्यो ओलिंपिक में पहली बार भाला फेंक प्रतियोगिता में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की थी। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी ने शुक्रवार को पीटीआइ से बात करते हुए कहा कि जब पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी हुई थी तब बीसीसीआइ ने ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा की भाला के लिए 1.5 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी और उसे खरीदा था। आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा ने अपना एक भाला पीएम मोदी को भेंट किया था जब प्रधानमंत्री ने टोक्यो खेलों के बाद भारतीय एथलीटों की मेजबानी की थी और उनसे मुलाकात की थी। 

2021 में आयोजित इस ई-नीलामी में नीरज कुमार का भाला कई वस्तुओं का हिस्सा था जिन्हें ई-नीलामी के दौरान पेश किया गया था और जिसकी आय ‘नमामि गंगे कार्यक्रम’ में चली गई। 2014 में शुरू किया गया ‘नमामि गंगे कार्यक्रम’ गंगा नदी को साफ और संरक्षित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करता है। यह नीलामी 2021 में सितंबर से अक्टूबर के बीच हुई थी।

बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने पीटीआइ से बात करते हुए कहा कि बीसीसीआइ ने नीरज चोपड़ा के भाले के लिए विजयी बोली लगाई थी, लेकिन हमने कुछ अन्य संग्रहणीय वस्तुओं के लिए भी बोली लगाई थी। यह (नमामि गंगे) एक नेक काम है और बीसीसीआइ के पदाधिकारियों ने महसूस किया कि देश के प्रमुख खेल निकायों में से एक के रूप में राष्ट्र के प्रति यह हमारा कर्तव्य था और इस बेहद महत्वपूर्ण योजना में हम कुछ सहयोग दे सके ये हमारा सौभाग्य है। एक संगठन के रूप में हमें गर्व है कि भारत के महानतम एथलीटों में से एक नीरज चोपड़ा का भाला हमारे पास है। 

आपको बता दें कि बीसीसीआइ ने कोविड-19 महामारी की पहली लहर के दौरान पीएम केयर फंड में 51 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। वहीं नीरज चोपड़ा के भाला के आलावा बीसीसीआइ ने एक करोड़ रुपये में भारतीय पैरालंपिक दल द्वारा ऑटोग्राफ किया गया एक अंगवस्त्र भी खरीदा था। बीसीसीआइ ने नीरज चोपड़ा को टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद एक करोड़ रुपये ईनाम के रूप में भी दिया था। 

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