पश्चिम चम्पारण के लौरिया व रामनगर में जहरीली शराब से मौत के मामले में बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में लौरिया थाने के सभी अधिकारी व कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है जबकि प्रभारी थानाध्यक्ष केपी यादव व दो चौकीदारों को निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि इस कांड में जिला प्रशासन ने 12 लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की पुष्टि की है।

बेतिया एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले के मुख्य आरोपितों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि संदिग्ध मौत के मामले में शनिवार को फिर से टीम मृतकों के घर पर भेजी गई। टीम ने परिजनों का लिखित बयान लिया। इसमें लतीफ साह (65), बिकाउ मियां (45), सुरेश साह (40), वशिष्ठ सोनी (35), नईम मिस्त्री (60), हीरालाल डोम (45), गुड्डू मियां (35), ताज महम्मद (60), जवाहिर मियां (50), जुलफान मियां (45), इजहारूल अंसारी (65) व झुन्ना मियां (30) शामिल हैं। मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

शराब से हो रही मौतों को लेकर सरकार गंभीर नहीं : माले
भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने आरोप लगाया है कि बिहार में जहरीली शराब से मौतें सामान्य घटनाक्रम बनती जा रही है। कहा है कि माले ने बार-बार कहा है कि राजनेता-प्रशासन गठजोड़ के तले ही बिहार में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। बावजूद सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। लिहाजा ऐसे वारदातों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पश्चिम चंपारण के रामनगर व लौरिया क्षेत्र में विगत दिनों जहरीली शराब से मौत की खबर सुनने के बाद सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में भाकपा-माले की एक उच्च स्तरीय जांच टीम ने 16 जुलाई को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच की।

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