भारतीय सेना, नौसेना, और वायु सेना (Indian Army, Navy, and Air Force) के प्रमुख 21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात करेंगे. इस दौरान पीएम मोदी को अग्निपथ योजना के तहत होने वाली भर्ती के बारे में जानकारी देंगे. दरअसल, अग्निपथ योनजा पिछले सप्ताह शुरू की गई थी, जिसके बाद से देशभर में विरोध- प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच केंद्र सरकार ने इस योजना में कई बदलावों और रियायतों की भी घोषणा की है.

सेना ने जारी की अधिसूचना

इधर देश के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सोमवार को सेना ने अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की. इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण अगले महीने से शुरू होगा. एक अधिसूचना में सेना ने कहा कि नए मॉडल के तहत नौकरी के इच्छुक सभी उम्मीदवारों के लिए सेना की भर्ती वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है जो जुलाई से शुरू होगी. सेना ने कहा कि अग्निवीर भारतीय सेना में एक अलग रैंक बनाया जाएगा, जो कि किसी भी अन्य मौजूदा रैंक से अलग होगा.

इन अभ्यर्थियों को मिलेगा 20 अंक बोनस 

सेना के एक अधिसूचना के अनुसार, सामान्य प्रवेश परीक्षा में आवेदकों की कुछ श्रेणियों जैसे कि सैनिक के बेटे ( SOS), पूर्व सैनिक के बेटे (SOEX), युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों के बेटे (SOWW), पूर्व सैनिक की विधवा के बेटे (SOW) को 20 बोनस अंक दिए जाएंगे. इसी तरह राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) ए और बी प्रमाणपत्र धारकों को भी कुछ अंक मिलेंगे. सेना ने कहा कि सेवा की शर्तों को पूरा करने से पहले अनुरोध पर किसी अग्निवीर को सेवा से मुक्ति की अनुमति नहीं है.

जानिए क्या है अग्निपथ योजना

अग्निपथ योजना की घोषणा 14 जून को की गई थी. इस योजना के तहत साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु के बीच के युवाओं को केवल चार साल के लिए भर्ती करने का नियम है, जिसमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान है. बाद में, सरकार ने 2022 में भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी. सेना ने कहा कि नयी भर्तियां सेना अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अधीन होंगी और ये अग्निवीर जमीन, समुद्र या हवा में जहां कहीं भी आदेश दिया जाएगा, वहां जाने के लिए उत्तरदायी होंगे.

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