बिहार / मधुबनी :-जिले में संभावित बाढ़ की पूर्व तैयारियों को लेकर डीएम अरविन्द कुमार वर्मा ने जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक कर समीक्षा की। सभी पदाधिकारियों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कहा कि मानसून की वर्षा कभी भी जिले को प्रभावित कर सकता है। इसलिये सभी संबधित पदाधिकारी पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहे। उन्होंने कहा की केवल जिले में होने वाली बारिश से ही प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि नेपाल के भू भाग में होने वाली वर्षा से जिले में बाढ़ की संभावना बनी रहती है। अत: हमें नेपाल स्थित पड़ोसी जिले की भी वर्षापात पर भी पैनी नजर बनाये रखनी है। उन्होंने बाढ़ आश्रय स्थल की तैयारी के क्रम में डीईओ को निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में चापाकलों की तत्काल मरम्मती की जाए। कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है। बाढ़ के समय में प्रभावित लोग अन्य सुरक्षित जगहों की ओर गमन करते हैं। ऐसे में जिले के सभी विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें।

उन्होंने सिविल सर्जन से चिकित्सा संबंधी सभी तैयारियों की जानकारी ली और कहा कि सर्पदंश सहित सभी आवश्यक दवाइयों की कमी न होने पाए। उन्होंने पूर्व में बाढ़ के दौरान निजी नाव संचालकों के द्वारा दी गई सेवा के बदले लंबित भुगतान की समीक्षा की और कहा कि किसी भी सूरत में इस प्रकार का कोई भी भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए। लंबित डीसी बिल का निष्पादन नही करने वाले पदाधिकारियो पर जवाबदेही कर करवाई की जाएगी। बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों को कम्युनिटी किचन के संचालकों के लंबित भुगतान की समीक्षा भी की और सभी संवेदकों के बकाया राशि के भुगतान को सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया। सभी बीडीओ और सीओ सहित अनुमंडल अधिकारियों को बांध की अद्यतन स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखने, तटबंधों की नियमित निगरानी करने के साथ साथ संवेदनशील स्थलों की जानकारी तुरंत जिले को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में अपर समाहर्ता अवधेश राम, डीडीसी विशाल राज, सिविल सर्जन डा. सुनील कुमार झा, डीईओ नसीम अहमद सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी कार्यालय कक्ष से और जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ व सीओ शामिल हुए।

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