दुनियाभर में हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। इसे मनाने का मकसद योग को घर-घर तक पहुंचाना है, ताकि लोग इसके जरिए बेहतर जीवनशैली अपनाते हुए स्वस्थ रहें। भारत में वैसे तो कई योग गुरु हैं, लेकिन स्वामी शिवानंद की उम्र जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। पद्मश्री से सम्मानित स्वामी शिवानंद की उम्र 125 साल है और वो भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे उम्रदराज योग गुरु हैं। 

स्वामी शिवानंद (Swami Sivananda) का जन्म सिलहट्ट जिले (वर्तमान में बांग्लादेश का हबीबगंज जिला) के हरिपुर गांव में हुआ था। उनकी मां का नाम भगवती देवी और पिता का श्रीनाथ ठाकुर है। घर की माली हालत खराब होने की वजह से उनके मां-बाप ने सिर्फ 4 साल की उम्र में उन्हें बाबा ओंकारानंद गोस्वामी को दान कर दिया था। 

स्वामी शिवानंद (Swami Sivananda) जब 6 साल के थे, तभी उनके माता-पिता और बड़ी बहन का निधन हो गया था। इसके बाद बाबा ओंकारानंद के साथ रहते हुए उन्होंने वैदिक योग और ज्ञान की शिक्षा ली। इसके बाद 16 साल की उम्र में वो पश्चिम बंगाल आ गए, जहां से काशी पहुंचे। 

आधार कार्ड के मुताबिक, स्वामी शिवानंद (Swami Sivananda) का जन्म 8 अगस्त, 1896 को हुआ था। इस हिसाब से उनकी उम्र 125 साल से भी ज्यादा है। इतनी उम्र में भी वो पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनकी सेहत का राज इंद्रियों पर कंट्रोल, बैलेंस्ड डेली रुटीन, सादा खाना, योग-प्राणायाम है। 

स्वामी शिवानंद (Swami Sivananda) ने तीन दशक से भी ज्यादा समय तक बनारस में गंगा नदी के किनारे लोगों को योग सिखाया। इसके अलावा वो कई कुष्ठ रोगियों की भी मदद कर चुके हैं। उन्होंने दुनिया को त्रिमूर्ति योग सिखाया। इसमें हठ योग, कर्म योग और मास्टर योग शामिल है। वे काशी के कबीर नगर में रहते हैं।

स्वामी शिवानंद (Swami Sivananda) अपने खाने में मसालों से पूरी तरह दूर रहते हैं। उनका एक नियम है, नो ऑयल ओनली ब्वॉयल। वो ज्यादातर उबली हुई सब्जियां ही खाते हैं। उनके खाने में तेल-मसाले, लाल मिर्च नहीं खाते। वो खाने में हरी मिर्च का इस्तेमाल करते हैं। 

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