डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं जिनमें शिक्षकों का किरदार कॉमेडी से लेकर कड़क तक दिखाया गया है। रील लाइफ में कई एक्टर्स ने एक से एक शिक्षक का किरदार निभाया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिनेमा के कुछ एक्टर्स हैं जो अभिनेता या अभिनेत्री बनने से पहले टीचर हुआ करते थे। कोई मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग देकर अपनी रोजी रोटी कमाता था, तो कोई बतौर प्रोफेसर अपना घर चला रहा था। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ एक्टर्स के बारे में जिन्होंने अपने अभिनय से तो करोड़ों फैंस बनाए लेकिन कभी शिक्षक बनकर भी अपने स्टूडेंट्स को खूब सिखाया और आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

अक्षय कुमार

बॉलीवुड के फिटेस्ट एक्टर कहे जाने वाले अक्षय कुमार फिल्मों में आने से पहले वेटर का काम करते थे। मगर, उससे पहले जब अक्षय बैंगकॉक में थे तब वहां मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली थी। मुंबई आने के बाद अक्षय ने कुछ नौजवानों को मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग भी दी। बतौर ट्रेनर वह अपने स्टूडेंट्स को मार्शल आर्ट्स की बारीकि सिखाते थे। अपने एक छात्र की मदद से ही अक्षय कुमार मॉडलिंग में आए और यहीं से उनका बॉलीवुड सफर भी शुरू हो गया।

चंद्रचूड़ सिंह

चंद्रचूड़ सिंह अगर एक्टन न होते तो म्यूजिक टीचिंग के अपने पुराने जॉब में वापस लौट जाते। यूं तो चंद्रचूड़ ने अपने छोटे से फिल्मी करियर में एक से बढ़कर हिट फिलमें दी हैं। दाग द फायर, सिलसिला, जोश, दिल क्या करे, आदि किसी भी फिल्म को देख लें, उसमें चंद्रचूड़ की एक्टिंग आपको निराश नहीं करेगी। रफ्तार की तरह चल रहे उनके करियर अचानक ब्रेक तब लगा जब उनका एक्सीडेंट हो गया और बेड रेस्ट की सलाह दी गई। वर्षों तक बिस्तर पर रहने के कारण वह फिल्मी दुनिया से दूर रहे। लेकिन मनोरंजन उद्योग में शामिल होने से पहले चंद्रचूड़ दून के एक स्कूल में संगीत शिक्षक थे। चोट लगने के बाद वह एक बार फिर से पढ़ाने चले गए।

कादर खान

दिवंगत अभिनेता कादर खान ने अपनी कॉमेडी से दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई थी, उसे आज भी भूला नहीं जा सकता। कादर खान अफगानिस्तान के रहने वाले थे, लेकिन कुछ वर्षों बाद उनका परिवार मुंबई शिफ्त हो गया था। मुंबई के स्लम कमाठीपुरा में काफी गरीबी में उनका बचपन बीता, लेकिन वो इस थिएटर से जुड़े रहे। फिर उनका एडमिशन बॉमबे यूनिवर्सिटी से संबद्ध इस्मायल युसूफ कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग में हो गया। इसके बाद सिद्दीक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में वह प्रोफेसर बनकर पढ़ाने लगे। लेकिन, मन को एक्टिंग में रम था। इसलिए फिल्मों के लिए टीचिंग छोड़ी दी और वह बन गए बॉलीवुड के सबसे बेस्ट कॉमेडी किंग में से एक। हालांकि, अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में वह दुबई में हिंदी पढ़ाते थे।

अनुपम खेर

अनुमप खेर को एक्टिंग की पाठशाला माना जाता है। लंबे संघर्ष के बाद वह फिल्मी दुनिया में एक मुकाम हासिल कर पाए हैं। लेकिन क्योंकि वह इतना संघर्ष कर चुके हैं, तो युवाओं से अपने तजुर्बे को बांटने के साथ-साथ वह उन्हें एक्टिंग की बारीकियां भी सिखाना चाहते थे, तो एक्टिंग एकेदमी एक्टर्स एप्रेयर्स शुरू कर दी। नंदिता दास

एक्ट्रेस नंदिता दास ने हिंदी सिनेमा के अलावा कई क्षेत्रीय भाषाओं में काम किया है। थिएटर भी कर चुकी हैं। लेकिन एक्टिंग से पहले वह ऋषि वैली स्कूल में पढ़ाती थीं। दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क से मास्टर्स पूरा करने के बाद उन्होंने टीचिंग लाइन में करियर बनाना शुरू किया था।

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