बिहार के पंचायत वार्ड सचिव मानदेय और नौकरी स्थायी करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर उतरे। वार्ड सचिवों ने गुरुवार दोपहर गांधी मैदान में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन रोकने के लिए दर्जनों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़ ही रहे थे कि कारगिल चौक के पास उन्हें रोक लिया गया है।

पुलिसकर्मी वार्ड सचिवों को समझाने बुझाने की कोशिश की। जबरिया मार्च की कोशिश की तो पुलिस ने भीड़ को नियंत्रण करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया। हालात को काबू करने के लिए पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। इसमें महिलाओं सहित कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं।

वार्ड सचिव का कहना है कि पिछले 4 साल से लोग काम कर रहे हैं.

अभी तक उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वार्ड के अंतर्गत होने वाले तमाम कामों को करते हैं, लेकिन वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी बातें नहीं मानेगी, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

बिहार में करीब एक लाख 15 हजार वार्ड सचिव कार्यरत हैं। आक्रोशित वार्ड सचिवों को लगातार 4 साल से काम करवाया गया। नल जल योजना, सात निश्चय के तहत होनेवाले सभी कामों को करते हैं। गांधी सचिवों ने प्रदर्शन के दौरान कोरोना के नियमों का जमकर उल्लंघन किया। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा, बिना मास्क के लोग घंटों प्रदर्शन करते रहे।

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