राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना की संपूर्ण प्रक्रिया के लिए एक कार्य दिवस का कार्यक्रम निर्धारित किया है। मतगणना हॉल एवं मेजों की संख्या के निर्धारण को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। संबंधित प्रखंड के न्यूनतम चार पंचायतों की मतगणना प्रत्येक चक्र में एक साथ करायी जा सकेगी। 

आयोग के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव, 2020 के अनुभवों से मतगणना हॉल की संख्या-4 या यथा आवश्यक अधिक रखी जा सकती है। जिसमें प्रखंड के चार अधिकतम वार्ड वाले पंचायत के वार्डों की संख्या के अनुसार मतगणना मेजों की संख्या निर्धारित की जा सकती है। 

वहीं, दूसरी ओर निर्वाची पदाधिकारी पिछले विधानसभा चुनाव, 2020 में नियुक्त किए गए अतिरिक्त सहायक निर्वाची पदाधिकारी की सहायता ले सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर सहायक निर्वाची पदाधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। 

मतगणना मेजों की घेराबंदी 

आयोग के अनुसार प्रत्येक मतगणना हॉल में मेजों की घेराबंदी की समुचित व्यवस्था की जाएगी ताकि गणना एजेंटों द्वारा वोटिंग मशीनों को हाथ नहीं लगाया जा सके। किंतु गणना एजेटों को मतगणना मेज पर चल रही पूरी मतगणना प्रक्रिया को देखने की सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। 

निर्वाची पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि घेराबंदी पारदर्शी हो अथवा घेराबंदी के प्रयोजनार्थ उपायों में लाए जाने वाले बांसों या अन्य सामग्रियों को, बीच में या ऊपर इतने फासले पर रखा जाए कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह दिखाई पड़े। घेराबंदी करने का सही तरीका निर्वाची पदाधिकारी के विवेक पर छोड़ दिया जाए जो यह सुनिश्चित करने के लिए कि अनाधिकृत या गैर-प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा वोटिंग मशीनों को हाथ न लगाया जा सके।

वहीं, दूसरी ओर निर्वाची पदाधिकारी पिछले विधानसभा चुनाव, 2020 में नियुक्त किए गए अतिरिक्त सहायक निर्वाची पदाधिकारी की सहायता ले सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर सहायक निर्वाची पदाधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। 

मतगणना मेजों की घेराबंदी 

आयोग के अनुसार प्रत्येक मतगणना हॉल में मेजों की घेराबंदी की समुचित व्यवस्था की जाएगी ताकि गणना एजेंटों द्वारा वोटिंग मशीनों को हाथ नहीं लगाया जा सके। किंतु गणना एजेटों को मतगणना मेज पर चल रही पूरी मतगणना प्रक्रिया को देखने की सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। 

निर्वाची पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि घेराबंदी पारदर्शी हो अथवा घेराबंदी के प्रयोजनार्थ उपायों में लाए जाने वाले बांसों या अन्य सामग्रियों को, बीच में या ऊपर इतने फासले पर रखा जाए कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह दिखाई पड़े। घेराबंदी करने का सही तरीका निर्वाची पदाधिकारी के विवेक पर छोड़ दिया जाए जो यह सुनिश्चित करने के लिए कि अनाधिकृत या गैर-प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा वोटिंग मशीनों को हाथ न लगाया जा सके।

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