शिक्षा विभाग ने जिन 400 पंचायत नियोजन इकाइयों की काउंसिलिंग को स्थगित कर दिया था, उन सभी नियोजन इकाइयों की मेधा सूची (मेरिट लिस्ट) को भी रद्द कर दिया है। विभाग ने इन सभी इकाइयों की मेधासूची त्रुटिपूर्ण मानते हुए उन्हें रद्द किया है। इन पंचायत नियोजन इकाइयों में गड़बड़ियों को दूर करते हुए अगले राउंड में नियोजन का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग ने गुरुवार को प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी। 

गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को इस मामले के संज्ञान में आने के बाद गहन समीक्षा एवं जांच का निर्देश दिया था, ताकि नियोजन प्रक्रिया पारदर्शी रहे। गुरुवार को विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि कुछ नियोजन इकाई के सदस्यों व स्थानीय लोगों की मिलीभगत से अव्यवस्था फैलायी गयी, जिसके कारण मुजफ्फरपुर जिला के गायघाट एवं पारू प्रखंड में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गयी है। 

विदित हो कि छठे चरण के तहत राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद पर फर्स्ट राउंड की काउंसिलिंग 5 से 12 जुलाई तक आहूत की गई थी। उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में जिन नियोजन इकाइयों में दिव्यांगों के आवेदन नहीं आए हैं, उनमें से नगर निकाय तथा प्रखंड नियोजन इकाइयों में 5 से 8 जुलाई तक काउंसिलिंग हुई। वहीं 12 जुलाई को पंचायत नियोजन इकाइयों में काउंसिलिंग हुई।

जिलों से मिली सूचना के मुताबिक 4808 नियोजन इकाइयों में नियोजन की कार्रवाई संपन्न की जानी थी। निदेशक प्राथमिक शिक्षा द्वारा पूर्व से मिले आदेश के मुताबिक डीईओ द्वारा तैयार मेधा सूची की जांच की गयी। जांच के क्रम में मेधा सूची में कई प्रकार की त्रुटियां पाई गईं। मेधा सूची का समय पर निर्माण नहीं किया गया। आवेदन करने के बावजूद अभ्यर्थी का नाम नहीं रहना आदि कई प्रकार की गड़बड़ियां पाई गई हैं।

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