समस्तीपुर। अपनी पेंटिग से राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुके समस्तीपुर के डॉ. कुंदन कुमार राय ने फिर एक नई मिथिला पेंटिग बनाई है। इस बार दरभंगा के कुशेश्वरस्थान के पूर्वी प्रखंड में बाढ़ के पानी के बीच मिट्टी की कोठी में शव के अंतिम संस्कार करने की पेंटिग बनाई। इस दुखद घटना का उन्होंने सुंदर चित्रण किया है। मार्मिक तस्वीर की पेंटिग जारी की गई है। बाढ़ के दौरान हालत बदतर हो जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शव के दाह संस्कार की होती है। ऐसे में शव का दाह संस्कार पानी के बीच ही किया जाता है। तस्वीर में दर्शाया गया है कि बाढ़ के पानी में मचान बनाकर उस पर मिट्टी की कोठी बनाया गया। कोठी पर शव को अंतिम संस्कार के लिए रखा गया है। कोठी में लोग लकड़ी को डाल रहे है। दुखी भाव से प्रदक्षिणा कर नाव से मुखाग्नि दी जा रही है। इसमें एक तस्वीर पानी के नीचे जाकर प्रदक्षिणा करने की भी बनाई गई है। कुंदन ने इंटरनेट मीडिया पर दरभंगा के कुशेश्वरस्थान की इस चित्र को देखा। उन्हें इस मार्मिक ²श्य को देखने के बाद इस पर मधुबनी पेंटिग बनानी की सोची। बाढ़ के भयावह परिस्थिति को समाज के लोगों के उपदेश देने के लिए पेंटिग बनाई। बाढ़ की वजह से इस तरह की परिस्थिति सामने आ रही है। सरकार से भी बाढ़ आने से पूर्व इस तरह समस्या से बचने के लिए पहल करने की जरूरत है। बाढ़ के समय ग्रामीण क्षेत्रों में भयावह स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सुदूर गांव में लोगों को अपना घर तक छोड़ना पड़ता है। इस पर कुंदन ने एक परिवार पर अपनी पेंटिग बनाई है। इसमें दर्शाया है कि कैसे एक परिवार के लोग अपना घर छोड़कर जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे है। बचपन में ही मिला कला का हुनर एमबीए कर चुके कुंदन का जन्म समस्तीपुर में हुआ। कला का हुनर देख कर उनकी मां बचपन से ही प्रोत्साहित करती है। इस बीच कलर ब्लाइंडनेश होने के बाद पेंटिग से साथ ही छूटता गया। जिसके बाद वर्ष 2009 में नागपुर से एमबीए की पढ़ाई करने के दौरान पेंटिग प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें फस्ट रनर अप रहे। इसके बाद उनका हौसला बढ़ता गया। फिर 2017 में समस्तीपुर लौटने के बाद कला के क्षेत्र में लौटे। इस बीच लगातार बढि़या पेंटिग बनाने से उनकी पहचान बढ़ती है। अब इनकी चर्चा जिले में नहीं पूरे देश में हो रही है।

एमबीए करने के बाद पेंटिग करने पर हुई परेशानी एमबीए करने के बाद नौकरी के बदले पेंटिग के क्षेत्र में आए कुंदन को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। शुरूआती दौर में लोग उन्हें नौकरी पर ध्यान देने की सलाह देते थे। कहते थे कि पेंटिग के क्षेत्र में करियर नहीं है। फिर भी अपने ²ढ संकल्प के साथ बेहतर पेंटिग करने से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके है। साथ ही समस्तीपुर को कला के गढ़ के रूप में बनाना चाहते है।

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