समस्तीपुर: एक बार फिर नीतीश कुमार के सुशासन की धज्जियां उड़ानी वाली खबर सामने आई है, जिसको जानने के बाद हर किसी का दिल पसीज जाएगा, लेकिन लगता है कि वहां के घूसखोर अधिकारियों के माथे पर इस बार भी कोई शिकन नहीं आएगी।

खबर के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर की सड़कों पर एक बुजुर्ग दंपति “अपने बेटे के शव को सरकारी अस्पताल से छुड़ाने” के लिए भीख मांगता दिखा।

खबर के अनुसार, अस्पताल के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर दंपति से अपने बेटे के शव को छोड़ने के लिए 50,000 रुपये की मांग की। चूंकि दंपति के पास पैसे नहीं हैं, इसलिए वे “पैसे के लिए भीख” शहर भर में घूम रहे हैं।

कपल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पिता ने कहा कि उनका बेटा कुछ दिन पहले लापता हो गया था।

महेश ठाकुर ने एएनआई को बताया, “कुछ समय पहले मेरा बेटा लापता हो गया था। अब, हमें फोन आया है कि मेरे बेटे का शव समस्तीपुर के सदर अस्पताल में है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने मेरे बेटे के शव को छोड़ने के लिए 50,000 रुपये मांगे हैं। हम गरीब लोग हैं, कैसे हम इस राशि का भुगतान कर सकते हैं?”

अस्पताल में अधिकांश स्वास्थ्य कर्मचारी कांट्रैक्ट पर हैं और अक्सर उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता है। ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां स्टाफ ने मरीजों के रिश्तेदारों से पैसे लिए हैं।

हालांकि हर बार की तरह मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने कहा, “जिम्मेदार पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह मानवता के लिए शर्म की बात है।”

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