बिहार से झारखंड बाबाधाम कांवर यात्रा पर इस साल भी रहेगी रोक रविवार से सावन प्रारंभ हो रहा है. देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथधाम मंदिर का पट नहीं खुलेगा. बावजूद इसके श्रद्धालु जलाभिषेक करने जाने की इच्छा रख रहे हैं. देवघर में मंदिर के निकट भीड़ बढ़ने की संभावना को देख जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि श्रद्धालुओं को भागलपुर में ही जागरूक किया जायेगा ताकि वह गंगाजल भरकर कांवर यात्रा न करें.

बाबा मंदिर बंद होने का करेंगे प्रचार-प्रसार

डीएम ने आमजनों में जागरूकता लाने की जिम्मेदारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, भागलपुर को सौंपी है. साथ ही निर्देशित किया है कि वह वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण के संभावित प्रसार को देखते हुए देवघर स्थित बाबा मंदिर बंद रहने के संबंध में वृहत पैमाने पर प्रचार-प्रसार करायेंगे. देवघर में मंदिर बंद रहने की स्थिति में भी श्रद्धालु मंदिर के निकट एकत्रित होकर भीड़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं, जो कोरोना के संभावित प्रसार के रोकथाम के उपायों के विपरीत और सरकार के निर्देशों के प्रतिकूल है.

मंदिरों की होगी निगरानी तैनात किये जायेंगे दंडाधिकारी पुलिस पदाधिकारी

डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, भागलपुर एवं नवगछिया पुलिस जिला को निर्देशित किया है कि वह आवश्यकतानुसार अपने-अपने क्षेत्र में सभी नदी घाटों एवं मंदिर परिसर यानी, शहर के बूढ़ानाथ मंदिर, जगदीशपुर में बाबा गोनूधाम मंदिर, आदमपुर में शिवशक्ति मंदिर, कहलगांव में बटेश्वर स्थान शिव मंदिर एवं अन्य सभी शिव मंदिरों पर निगरानी करेंगे. इसके लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करते हुए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.

छह अगस्त तक मंदिर के पट रहेंगे बंद, नहीं होगा कोई भी आयोजन

गंगाजल भरकर विभिन्न शिव मंदिर में जलाभिषेक करने जाने की संभावना को देख जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है. कोरोना संक्रमण की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आदेश जारी किया है कि छह अगस्त तक सभी धार्मिक स्थल आमजनों के लिए बंद रखे जायेंगे. सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं होगा. सरकारी एवं निजी आयोजनों पर रोक रहेगी. सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन प्रतिबंधित होंगे. रात्रि नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगा रहेगा.

ग्रामीण क्षेत्रों में निर्देश के अनुपालन पर विशेष ध्यान

जिला प्रशासन का मानना है कि इस दिशा-निर्देश का पालन सभी प्रमुख शिवालय व धार्मिक स्थलों में किया जा रहा है. लेकिन ग्रामीण व छोटे-छोटे मुहल्ले के मंदिरों में स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए भीड़ होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. इससे कोरोना संक्रमण की आशंका रहेगी. सभी मंदिर व शिवालयों को सरकार द्वारा निर्गत निर्देशों का अनुपालन कराया जाना अपेक्षित है. इसके लिए संबंधित अधिकारियों को विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है. साथ ही आमलोगों से भी अपील की गयी है कि कोरोना प्रोटोकॉल कर पालन करें व भीड़ न लगाएं.

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